जागरण संवाददाता, देहरादून। सत्ता की हनक में भाजपा विधायक पुलिस अधिकारियों पर भी दबाव बनाने से नहीं चूक रहे। ताजा मामला ऊधमसिंह नगर जिले का है, जहां इंटरनेट मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है। इसमें नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा के नाम से जारी इस पत्र में एसएसपी ऊधमसिंह नगर दलीप सिंह कुंवर को बाकायदा को तीन दारोगा व चार कांस्टेबल को मनचाही पोस्टिंग देने की सिफारिश का उल्लेख है। वायरल पत्र का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने जांच बैठा दी है।

वायरल पत्र सात जून को एसएसपी ऊधमसिंह नगर को भेजे जाने का उल्लेख है। विधायक के नाम वाले इस लेटरपैड में पुलिसकर्मियों के नाम के साथ उन्हें कहां ट्रांसफर किया जाना है, यह भी जिक्र है। इस बीच 14 जून को एसएसपी ऊधमसिंह नगर के स्तर पर दारोगाओं और कांस्टेबलों के तबादले कर दिए, जिनमें उपरोक्त पुलिस कर्मी भी शामिल थे। इसके बाद विधायक के नाम का पत्र और एसएसपी की ओर से जारी की गई ट्रांसफर सूची इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई तो पुलिस विभाग में कानाफूसी शुरू हो गई। शुक्रवार को मामला पुलिस महानिदेशक के संज्ञान में आया तो उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं जोन अजय रौतेला से रिपोर्ट मांग ली। हालांकि, इस मामले में एसएसपी दलीप सिंह कुंवर का कहना है कि तबादले रूटीन में किए गए हैं। 

रुड़की विधायक मसूरी के दबाव में दारोगा का हो चुका तबादला

रुड़की के भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा के दबाव में दो दिन पहले ही मसूरी थाने के दारोगा नीरज कठैत का तबादला किया गया है। दारोगा ने मास्क नहीं पहनने पर विधायक का 500 रुपये का चालान किया था। इसके बाद विधायक ने पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर दारोगा पर अभद्रता का आरोप लगाया, जिसके बाद दारोगा का ट्रांसफर कालसी कर दिया गया।

-अशोक कुमार (पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड) का कहना है कि ऊधमसिंह नगर के विधायक की ओर से एसएसपी को लिखा ट्रांसफर संबंधी पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है। इसका संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि सच्चाई क्या है।

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Edited By: Sunil Negi