देहरादून, जेएनएन। जंगल से भटक कर आबादी क्षेत्र आया गुलदार एक मकान में घुसकर बेडरूम तक जा पहुंचा। शुक्र है, उस वक्त कमरे में कोई नहीं था। किचन में चाय बना रही महिला ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे कमरे में बंद कर दिया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग ने ट्रेंकुलाइज करके गुलदार को काबू किया। विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। 

वाकया सहसपुर के निकटवर्ती गांव खुशहालपुर गांव का है। यहां अख्तर अपने मकान में परिवार के साथ रहता है। सुबह करीब पौने छह बजे अख्तर के परिवार के सदस्य घर आंगन के आसपास थे। इसी बीच जंगल एक गुलदार उनके घर में दाखिल हो गया। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। उस वक्त घर की एक महिला सदस्य किचन में चाय बना रही थी, उसकी नजर बेडरूम में घुस रहे गुलदार पर पड़ गई। महिला ने समझदारी दिखाते हुए बेडरूम के दरवाजे पर बाहर से कुंडी चढ़ा दी। 

इसके बाद उसने आंगन में गपशप कर रहे अन्य सदस्यों को यह बात बताई तो उनके होश उड़ गए। थोड़ी ही देर में आसपास के ग्रामीण वहां आ पहुंचे। सूचना पर कालसी वन प्रभाग के डीएफओ एसपी शर्मा, रेंजर चौहड़पुर एडी सिद्दीकी, थानाध्यक्ष सहसपुर पीडी भट्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

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टीम ने राजाजी नेशनल पार्क की पशुचिकित्साधिकारी डॉ. अदिती शर्मा की मदद से बेडरूम में घुसे गुलदार को ट्रेंकुलाइज करके पिंजरे में कैद किया। इसमें टीम को तीन घंटे लग गए। गुलदार की उम्र आठ से दस महीने होने का अनुमान है। उसे देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण अख्तर के घर के बाहर जुटे रहे। रेंजर सिद्दीकी के अनुसार गुलदार को तिमली रेंज छोड़ दिया गया है। 

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Posted By: Sunil Negi

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