देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: प्रदेश सरकार अब बिल्डर्स व प्रॉपर्टी डीलर्स को बड़ी राहत देने जा रही है। इसके तहत रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पंजीकरण के लिए लेट फीस समाप्त की जा रही है। यानी, अब बिल्डर्स व प्रॉपर्टी डीलर्स जुर्माना या लेट फीस दिए बगैर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इतना ही नहीं, जिन्होंने लेट फीस जमा कराई है, उनकी फीस भी वापस लौटाई जाएगी। सरकार इस मसले को आगामी कैबिनेट में ला रही है।

प्रदेश में रेरा के लागू होने के बाद बिल्डर्स व प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया था। इसके लिए इन्हें 31 जुलाई तक का समय दिया गया। निर्धारित समय के बाद रजिस्ट्रेशन कराने वाले बिल्डर्स के लिए समय सीमा के हिसाब से लेट फीस का प्रावधान किया गया, जो दो से लेकर 10 प्रतिशत तक है। नवंबर में पांच प्रतिशत लेट फीस का प्रावधान समाप्त हो गया था और इसके बाद होने वाले रजिस्ट्रेशन पर दस प्रतिशत लेट फीस लगनी थी। इससे बड़े बिल्डर्स को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। उन्हें बड़े प्रोजेक्ट पर पांच से दस करोड़ तक की लेट फीस पड़ रही थी।

इसे देखते हुए बिल्डर्स लगातार सरकार से लेट फीस माफ करने का अनुरोध कर रहे थे। उनका तर्क था कि रेरा नया है और ऐसे में कई बिल्डर पंजीकरण के लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी करने में व्यस्त रहे और 31 जुलाई की तारीख निकल गई। कई बिल्डर्स ने अधूरे दस्तावेज जमा किए हैं, जिस कारण अभी तक भी पंजीकरण नहीं हो पाया। हालांकि, वे पेनल्टी से बच गए। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों में रेरा के तहत लेट फीस माफ करने की व्यवस्था का भी हवाला दिया जा रहा था।

लंबे विचार-विमर्श के बाद अब सरकार ने इन्हें राहत देने का फैसला लिया है। अब इसमें रजिस्ट्रेशन के लिए लेट फीस का प्रावधान समाप्त किया जा रहा है। इसमें एक्ट में कुछ संशोधन करना होगा। इस कारण इसे अब कैबिनेट में लाने की तैयारी है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सरकार अब बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन करने का निर्णय लेने जा रही है।

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