यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड वन विभाग के नए मुखिया होंगे जयराज
उत्तराखंड वन विभाग के नए मुखिया के रूप में वरिष्ठ आईएफएस जयराज का चयन कर लिया गया है। जयराज वर्तमान में प्रमुख वन संरक्षक परियोजनाएं का दायित्व देख रहे हैं।

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: भौगोलिक लिहाज से राज्य के सबसे बड़े महकमे उत्तराखंड वन विभाग के नए मुखिया के रूप में वरिष्ठ आईएफएस जयराज का चयन कर लिया गया है। शासन में हुई डीपीसी की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगा दी गई। वह मौजूदा मुखिया राजेंद्र कुमार महाजन का स्थान लेंगे, जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जयराज वर्तमान में प्रमुख वन संरक्षक परियोजनाएं का दायित्व देख रहे हैं।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की मौजूदगी में हुई डीपीसी की बैठक में वन विभाग के नये मुखिया के लिए 1983 बैच के आईएफएस जयराज के नाम पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। इसके बाद उनके नाम पर मुहर लगा दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन रणवीर सिंह के साथ ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक मौजूद थे।
गौरतलब है कि जयराज को पहली पोस्टिंग डीएफओ टिहरी के पद पर मिली थी। इसके बाद उन्होंने विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वह वन चिकित्सालय ट्रस्ट हल्द्वानी के सदस्य सचिव भी रहे। उनके कार्यकाल में ही 1996 में वहां सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के साथ ही मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पद पर भी उन्होंने कार्य किया। इसके अलावा वे स्टेट क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के नोडल अधिकारी रहे और क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस समय जयराज प्रमुख वन संरक्षक परियोजनाएं की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। माना जा रहा कि वह एक फरवरी को विभाग के मुखिया की जिम्मेदारी संभालेंगे।
