देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: ऑनलाइन गेम 'मोमो चैलेंज' से छात्र-छात्राओं को दूर रखने के लिए विद्यालयों में प्रार्थना सभा व अन्य माध्यमों से जानकारी दी जाएगी। केंद्र सरकार ने इस संबंध में पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने भी सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों, प्रारंभिक और माध्यमिक के जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं।

मोमो चैलेंज गेम व्हाट्सएप के प्लेटफार्म की मदद से बच्चों को जोड़ता है और गेम खेलने पर मजबूर करता है। यह बच्चों को स्वयं चोट पहुंचाने और आत्महत्या की ओर प्रवृत्त करता है। इस गेम में बच्चों व किशोरों को हिंसात्मक कृत्यों के लिए उकसाया जाता है। व्हाट्सएप की मदद से अज्ञात नंबरों को एमओएमओ नाम से सेव करने पर भयानक उभरी आंखों वाली जापानी मोमो गुड़िया प्रकट होती है और गेम का कंट्रोलर श्रृंखलाबद्ध तरीके से कई चुनौतियों को पूरा करने का प्रलोभन देता है।

यदि इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाए तो वह हिंसात्मक चित्रों, ऑडियो व वीडियो के माध्यम से धमकी देता है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बीती 28 सितंबर को राज्य सरकार को पत्र भेजकर उक्त गेम के संबंध में छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने भी शिक्षा महकमे को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

सर्व शिक्षा अभियान राज्य परियोजना निदेशक डॉ मुकुल कुमार सती ने बताया कि सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षाधिकारियों को ऑनलाइन गेम मोमो चैलेंज से बच्चों को दूर रखने और सावधानी बरतने के आदेश दिए गए हैं। इसमें विद्यालयों में बच्चों, प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्यो, विद्यालय प्रबंध समिति, पीटीए के सदस्यों, अभिभावकों व अन्य हितधारकों को उक्त गेम से हो रही हानि के बारे में बताने और बच्चों को गेम न खेलने की हिदायत देने को कहा गया है।

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