जागरण संवाददाता, देहरादून : बिजली के बिलों और कनेक्शन की जानकारी उपलब्ध कराने में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ढाई साल लगा दिए। इसके लिए अपीलकर्ता को कई बार विभाग के चक्कर काटने पड़े। अब सूचना के अधिकार के तहत समय पर न देने पर ऊर्जा निगम के तीन अधिकारियों पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। उत्तराखंड सूचना आयोग ने अपील की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

कुछ भवनों के कनेक्शन और विद्युत बिल संबंधी जानकारी मांगी थी

आरटीआइ क्लब के महासचिव अमर एस धुंता ने आयोग में अपील दायर की थी, जिस पर आयोग ने शुक्रवार को अंतिम सुनवाई की। अमर एस धुंता ने सूचना के अधिकार के तहत ऊर्जा निगम के विद्युत वितरण खंड नगरीय रुड़की से कुछ भवनों के कनेक्शन और विद्युत बिल संबंधी जानकारी मांगी थी।

पूरी प्रक्रिया में करीब ढाई साल का समय लग गया

तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी बुद्धि सिंह पंवार ने समय पर सूचना नहीं दी। इसके बाद डीम्ड लोक सूचना अधिकारी रमन कुमार और वर्तमान लोक सूचना अधिकारी सजल हटवाल ने आधी-अधूरी जानकारी उपलब्ध कराई। प्रथम अपीलीय अधिकारी से इस संबंध में शिकायत करने के बाद अपीलकर्ता को पूरी जानकारी मिल सकी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब ढाई साल का समय लग गया।

जुर्माना राजकोष में जमा करने का आदेश दिया गया

मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना देने में विलंब करना दंडनीय है। इस पर तीनों अधिकारियों को क्रमश: 10, 10 और पांच हजार रुपये बतौर जुर्माना राजकोष में जमा करने का आदेश दिया गया है। साथ ही उन्हें अपीलकर्ता को भी 150 रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करनी होगी।

Edited By: Nirmala Bohra