संवाद सूत्र, डोईवाला: देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर गुरुवार को देर शाम भारतीय वायु सेना का कार्गो विमान ग्लोव मास्टर सी-17 विमान ने लैं¨डग की। आसमान में जोरदार गड़गड़ाहट के बीच वायुसेना का यह विशालकाय कार्गो विमान सेना के साजो सामान के साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के इतिहास में यह तीसरा मौका है, जब उत्तराखंड के इस एयरपोर्ट पर कार्गो सी-17 विशालकाय विमान ने अपनी सफलता पूर्वक लैं¨डग की है।

विदित हो कि उत्तराखंड के जौलीग्रांट स्थित एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद यहां पर लंबे समय से बड़े विमानों का आवागमन भी बढ़ने लगा है। चीन की सीमा से लगे उत्तराखंड राज्य का सामरिक दृष्टि से वैसे भी बेहद महत्व है। इसलिए भी इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना भारत सरकार के संज्ञान में रही है। इसके अलावा उत्तराखंड में 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद से भी इस एयरपोर्ट में हवाई सेवाओं के विस्तारीकरण के साथ सरकार द्वारा इसके आधुनिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में किसी भी प्रकार की अन्य चुनौतियों से भी निपटा जा सके। वहीं उत्तराखंड के तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से भी इस एयरपोर्ट का आधुनिकरण के साथ विस्तारीकरण भी केंद्र सरकार की प्राथमिकता पर है। गुरुवार को करीब 7:30 बजे रात को आसमान में जोरदार गड़गड़ाहट के बीच भारतीय वायु सेना के विमान ने जौलीग्रांट पर लैं¨डग की। आसमान में विमान की जोरदार गड़गड़ाहट से लोग विमान को देखने के लिए घरों के बाहर भी आए। यह विमान बीते वर्ष भी अपनी सफल लैं¨डग जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर कर चुका है। एयरपोर्ट के रनवे पर एक समय में करीब 3 फ्लाइट अपनी उड़ान भर सकती हैं। लेकिन कार्गो विमान इतना विशालकाय है कि एक समय पर उसके अलावा रनवे पर कोई और विमान नहीं ठहर सकता है। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि गुरुवार रात 7:30 बजे वायु सेना के कार्गो सी-7 विमान ने सुरक्षित लैं¨डग की है। उन्होंने बताया कि इस विशालकाय विमान की लैं¨डग के लिए ऐसा समय तय किया गया जब यहां से कोई फ्लाइट उड़ान नहीं भरती हो। जिससे हवाई सेवाओं पर इसका प्रभाव ना पड़े। उन्होंने बताया विमान सिरसा हरियाणा से एनटीआरओ का सामान लेकर आया था जो सामान छोड़ने के बाद वापस सिरसा हरियाणा लौट गया।

Posted By: Jagran