जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : उत्तराखंड जन विकास मंच ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज राशन कार्ड धारकों की मासिक आय के मानक में वृद्धि करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रभावी मानक के कारण अधिकांश पात्र लोग सरकार की योजना से वंचित रह रहे हैं। इस संबंध में मंच ने उप जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड सरकार की ओर से अपात्र राशन कार्ड धारकों को जिनकी वार्षिक आय मासिक आय राशन कार्ड मानकों के अनुसार अधिक हो रही है, उन्हें 31 मई,2022 तक अपना राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा गया है, जो एक सराहनीय कदम है। मगर वर्तमान में महंगाई दर में काफी बढ़ोतरी हुई है और मुद्रा की क्रय शक्ति बहुत घट गई है। क्रय शक्ति समता नियम का पालन करते हुए राशन कार्ड धारकों की आय के मानकों में उनकी सूची के अनुसार परिवर्तन पर दोगुना किया जाए और प्राथमिक परिवार जिनकी मासिक आय 15000 से कम मानक वाली बाध्यता को समाप्त किया जाए। इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में योगेश शर्मा, जतिन जाटव, चंदन सिंह राणा, राकेश थपलियाल, कुंवर सिंह, राजेंद्र पाल, आकाश., हरीश आदि उपस्थित रहे।

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32 मई तक अपात्र राशन कार्ड धारक समर्पित कराएं कार्ड

पूर्ति निरीक्षक ज्योति नेगी ने सरकार के मानकों के अनुरूप अपात्र श्रेणी में आ रहे राशन कार्ड धारकों से शीघ्र अपने राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अंत्योदय व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाले राशन कार्ड धारकों के लिए सरकार की ओर से मानक निर्धारित किए गए हैं। इन मानकों के तहत अपात्र की श्रेणी में आने वाले कार्ड धारकों को 31 मई तक पूर्ति निरीक्षक कार्यालय या क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक कार्यालय में अपने राशन कार्ड समर्पित करने होंगे। इसके पश्चात अपात्र राशन कार्ड धारक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपात्र कार्ड धारकों की आवश्यक साक्ष्य के साथ शिकायत भी दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात सभी पात्र कार्ड धारकों को बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

Edited By: Jagran