देहरादून, राज्य ब्यूरो। होली के त्योहार से पहले सरकार ने प्रदेश के सभी 90 नगर निकायों के कार्मिकों को तोहफा दिया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने नगर निकायों में कार्यरत केंद्रीयत सेवा के कार्मिकों को अकेंद्रीयत सेवा की भांति उपार्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब दोनों ही सेवा के कार्मिकों को यह सुविधा मिलेगी।

प्रदेश में नगर निकायों की संख्या 93 है, लेकिन वर्तमान में 90 ही अस्तित्व में हैं। दो नगर पंचायतों के मामले में पेच फंसा है, जबकि एक के संबंध में आदेश होने बाकी हैं। वर्तमान में 90 नगर निकायों में आठ नगर निगम, 39 नगर पालिका परिषद और 43 नगर पंचायतें शामिल हैं। इन निकायों में केंद्रीयत व अकेंद्रीयत सेवा के कर्मचारी कार्यरत हैं। केंद्रीयत सेवा के कार्मिक नगर विकास विभाग से ताल्लुक रखते हैं, जबकि अकेंद्रीयत सेवा के संबंधित नगर निकाय से।

लाभ में चल रहे नगर निकाय तो अकेंद्रीयत सेवा के अपने कार्मिकों को 300 दिनों के उपार्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधाएं दे रहे, मगर केंद्रीयत सेवा के कार्मिकों को यह सुविधा नहीं मिल रही। कुछ निकाय ऐसे हैं, जहां किसी भी सेवा के कार्मिकों को नगदीकरण की सुविधा नहीं है। इस सबको देखते हुए कार्मिकों की ओर से सभी को नकदीकरण की सुविधा की मांग की जा रही थी।

इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को भेजा गया था। इस पर शहरी विकास मंत्री कौशिक ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब नगर निकायों में कार्यरत केंद्रीयत व अकेंद्रीयत सेवा के कार्मिकों को सेवा के कार्मिकों को सेवानिवृत्ति होने पर अथवा सेवा के दौरान मृत्यु होने की दशा में आश्रितों को उपार्जित अवकाश के बदले अधिकतम 300 दिनों की सीमा के अंतर्गत नकदीकरण की सुविधा मिलेगी।

 

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