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IMA पासिंग आउट परेड: पिता के निधन के बाद मां ने किया संघर्ष, अब सेना में अफसर बनेंगे सतारा के प्रतीक

Published: Fri, 12 Jun 2026 04:30 PM (GMT+05:30)

प्रतीक संदीप काटकर, जिन्होंने बचपन में पिता को खोने के बाद आर्थिक संघर्ष झेला, अब भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून से कमीशंड ऑफिसर बनने जा रहे हैं।

महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले  प्रतीक संदीप काटकर।

महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले  प्रतीक संदीप काटकर।

HighLights

  1. प्रतीक संदीप काटकर IMA से बनेंगे कमीशंड ऑफिसर

  2. बचपन में पिता के निधन के बाद झेला आर्थिक संघर्ष

  3. मां के संघर्ष और स्कॉलरशिप से मिली सफलता

जागरण संवाददाता, देहरादून। संकल्प, संघर्ष और सफलता की एक ऐसी कहानी जो आपकी आंखों में आंसू भी लाएगी और हौसलों को नई उड़ान भी देगी।

महाराष्ट्र के सतारा के एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून तक पहुंचने वाले ऑफिसर कैडेट प्रतीक संदीप काटकर आज उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं, जो तंगहाली के आगे घुटने टेक देते हैं।

शनिवार 13 जून को भारतीय सैन्य अकादमी में होने वाली पासिंग आउट परेड में जब प्रतीक सेना में कमीशंड ऑफिसर बनेंगे, तो उनकी मां की आंखों में संघर्ष के आंसू और गर्व की चमक एक साथ दिखेगी।

10 साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया

प्रतीक जब महज पांचवीं कक्षा (10 वर्ष) में थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। सिर से पिता का साया उठते ही परिवार गहरे आर्थिक संकट में डूब गया। लेकिन प्रतीक की मां ने हार नहीं मानी। उन्होंने दिन-रात कठिन परिश्रम कर घर की जिम्मेदारी भी संभाली और बच्चों की पढ़ाई को भी आंच नहीं आने दी।

स्कॉलरशिप के दम पर आसान की आगे की राह

मां की मेहनत को देख प्रतीक ने भी अपनी पढ़ाई को ही अपना हथियार बनाया। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे।

उन्होंने MTS और NMMS समेत कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्तियां (Scholarships) हासिल कीं।
इन स्कॉलरशिप्स से उनकी आगे की पढ़ाई का आर्थिक बोझ कम हुआ और हौसला बढ़ा।

दसवीं में बेहतरीन अंकों के बाद उनका चयन संभाजीनगर के सर्विस प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (SPI) में हो गया, जहां से उनके सैन्य अफसर बनने की नींव पड़ी।

NDA से IMA तक का स्वर्णिम सफर

कड़े अनुशासन और ईमानदारी से की गई मेहनत के दम पर प्रतीक ने देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा पास की।

  • साल 2025: NDA के 148वें रेगुलर कोर्स से अपना प्रशिक्षण पूरा किया।
  • जुलाई 2025: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में 158वें रेगुलर कोर्स के तहत ट्रेनिंग शुरू की।
  • जून 2026: आज वह देश के गौरवशाली सैन्य इतिहास का हिस्सा बनकर अंतिम पग भरने जा रहे हैं।

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