देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेशभर में कम छात्र संख्या के चलते जो स्कूल बंद हुए हैं, उन भवनों को होम स्टे में तब्दील किया जाएगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को विधानसभा में चौबट्टाखाल क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बाद ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर ऐसी योजना रखी गई है। इससे होम स्टे को बूस्टअप मिलेगा। 

पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि जो स्कूल भवन बंद पड़े हैं, उन्हें होम स्टे में परिवर्तित करने के साथ ही इनका उपयोग ट्रेकिंग और यात्रा रूट के लिए किया जाएगा। इस कड़ी में इन रूटों पर टायलेट समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि चौबट्टाखाल क्षेत्र में ऐसे कुछ विद्यालय भवन चिह्नित किए गए हैं। राज्य स्तर पर अन्य क्षेत्रों में जल्द ही इनका आकलन किया जाएगा। 
इससे पहले बैठक में पर्यटन मंत्री ने कहा कि चौबट्टाखाल क्षेत्र के जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां गेस्ट टीचर्स की व्यवस्था की जाए। साथ ही फर्नीचर, पेयजल, रसोईघर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों की छत की मरम्मत के लिए छत के स्थान पर सोलर पैनल का उपयोग किया जाए। सोलर पैनल की छत से जहां सब्सिडी मिलेगी, वहीं बिजली की बचत होने के साथ ही यह भूकंपरोधी के रूप में भी कार्य करेगा। इस बारे में उन्होंने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 
उन्होंने यह भी कहा कि कई विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया दोषपूर्ण होने के कारण शिक्षकों के चयन के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग या माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के माध्यम से चयन के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं। महाराज ने कहा कि पूर्व में गढ़वाल सांसद के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी सांसद निधि से विद्यालयों में कंप्यूटर आपूर्ति को राशि अवमुक्त की थी। इससे 331 स्कूलों में दो-दो कंप्यूटर मुहैया कराए जाएंगे। ये कंप्यूटर नवीनतम तकनीकी पर आधारित होंगे। उन्होंने ई-लर्निग, वर्चुअल क्लास को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रवनीत चीमा समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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