देहरादून, [जेएनएन]: हरिद्वार बाईपास रोड पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर राजमार्ग खंड के अधिकारी फिर से रेलवे की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। खंड ने लक्ष्य रखा है कि अक्तूबर माह तक निर्माण पूरा कर दिया जाए, जबकि रेलवे वाले हिस्से में अभी गर्डर तक नहीं रखे गए हैं। ऐसे में रेलवे से अनुमति के लिए खंड के अधिकारियों ने मंगलवार को मुरादाबाद में डीआरएम से मिलने का निर्णय लिया है।

इससे पहले कार्यदायी संस्था राजमार्ग खंड, डोईवाला ने जुलाई माह में रेलवे से ब्लॉक (कार्य के दौरान रेलगाड़ी की आवाजाही न करने को लेकर समय) मांगा था, जिसे स्वीकृत करने के बाद ऐन वक्त पर निरस्त कर दिया गया था। इसके चलते निर्माण कंपनी को 20 लाख रुपये किराये पर मंगाई गई तीन भारी-भरकम क्रेनों को बीच रास्ते लौटाना पड़ गया था।

खंड के सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना का कहना है कि गर्डर लॉन्च करने व अंडरपास बनाने के लिए रेलवे से दोबारा अनुमति मांगी गई है। इस अनुमति को स्पष्ट करने के लिए मंगलवार को मुरादाबाद मंडल के डीआरएम से मुलाकात की जाएगी। ताकि गर्डर की लॉन्चिंग के साथ ही अंडरपास के निर्माण के लिए रेल लाइन के नीचे विशेष तकनीक से खुदाई कर दी जाए। ऐसे में अब सवाल यह है कि यदि रेलवे का ब्लॉक समय पर नहीं मिलता है तो परियोजना लक्ष्य से पीछे खिसक सकती है।

इस हिसाब से मांगा गया ब्लॉक

  • 15-16 सितंबर: दोनों दिन गर्डर लॉन्च करने के लिए दो-दो घंटे का ब्लॉक मांगा गया है। इस अवधि में खंड को दोनों तरफ आठ गर्डर लॉन्च करने हैं।
  • 19 सितंबर: अंडरपास निर्माण के लिए भूमिगत मार्ग बनाने के लिए साढ़े पांच घंटे के ब्लॉक की अनुमति मांगी गई है।

अंडरपास का यह होगा आकार

  • लंबाई, करीब 18 मीटर
  • ऊंचाई, 03 मीटर
  • चौड़ाई, चार मीटर

वन-वे होगा अंडरपास

बाईपास रोड पर बनाया जा रहा अंडरपास वन-वे होगा और इसका प्रयोग रिस्पना की तरफ से आइएसबीटी की ओर से जा रहे वाहन चालक कर पाएंगे। जबकि आइएसबीटी की तरफ से आने वाले वाहनों को आरओबी पर चढ़कर जाना होगा। हालांकि, यह अंडरपास सिर्फ छोटे वाहनों के लिए ही होगा। 

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Posted By: Sunil Negi