राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में पंतनगर से पिथौरागढ़ के बीच हेली सेवा सात अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र सरकार यहां हवाई सेवा शुरू करने के लिए भी तैयारी कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। कुछ समय पहले राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच हवाई व हेली सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।

यह जानकारी साझा करते हुए राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने उन्हें बताया है कि पिथौरागढ़ के लिए हेली सेवा जल्द शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि उडान योजना के तहत देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून, देहरादून-हिंडन-पिथौरागढ़ और पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर के बीच हवाई सेवा शुरू करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। वहीं पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर हेली सेवा का कार्य पवन हंस प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।

पवन हंस ने इस मार्ग पर सात अक्टूबर से हवाई सेवा संचालित करने की जानकारी दी है। बलूनी ने कहा कि प्रयास है कि शीघ्र ही पिथौरागढ़ के लिए ये सेवाएं शुरू हो जाएं। कुछ तकनीकी कारणों से इस सेवा में विलंब हो रहा है। मंत्रालय द्वारा इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही पर्यटक व नागरिक इन हवाई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

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333 बच्चों के खाते में हस्तांरित की वात्सल्य योजना की धनराशि

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पांचवे चरण में 333 बेसहारा बच्चों के खाते में तीन-तीन हजार रुपये की धनराशि डिजिटली हस्तांतरित की। अभी तक 2039 बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत उन बच्चों को सहायता दी जा रही है, जिनके माता-पिता अथवा संरक्षक की मृत्यु कोरोना काल के दौरान हुई है। गुरुवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने यमुना कालोनी स्थित कैंप कार्यालय से योजना के तहत कुल 333 बच्चों या उनके संरक्षकों के खाते में नियत धनराशि डिजिटली हस्तांतरित की। इस योजना को महिला एवं बाल विकास विभाग संचालित कर रहा है।

योजना के प्रथम चरण में बेसहारा बच्चों की देखरेख व भरण पोषण हेतु प्रत्येक माह तीन हजार रुपये की राशि सीधे प्रभावित बच्चों के खाते में दी जा रही है। ऐसे प्रभावित बच्चों की 21 वर्ष की उम्र तक मुफ्त शिक्षा, संरक्षण जैसे कार्यों के लिए अन्य विभागों द्वारा भी शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएंगे। गुरुवार को जिन बच्चों को योजना का लाभ दिया गया उनमें ऊधमसिंह नगर के 87, देहरादून के 64, चंपावत के 59, टिहरी के 51, पौड़ी के 39 तथा अल्मोड़ा के 33 बच्चे शामिल हैं।

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Edited By: Sunil Negi