जागरण संवाददाता, देहरादून : गोर्खाली समुदाय की महिलाओं ने बुधवार को पारंपरिक तरीके से हरितालिका तीज मनाई। महिलाओं ने निर्जला व्रत रख पति की दीर्घायु आयु की कामना की। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में लोकनृत्यों की धूम रही।

हरितालिका तीज पर गोर्खाली महिलाओं ने पारंपरिक परिधान लाल साड़ी हरा ब्लाउज पहना और हाथों में मेहंदी सजाई। गोर्खाली आभूषण छड़केती लहरी, तिलहरी, नौगेड़, चंद्रमा, सिरफुला, डोरी, नरोड़ी, पोथी आदि पहनकर हरितालिका तीज के पारंपरिक गीत गाए। लोकगीत लहरो आयो बरी लई, आओ री दीदी बहनी, ठुला बांकु आंगनी मां, संगेपर खाउला आदि पर महिलाएं जमकर झूमी।

बुधवार को दुर्गा मंदिर तीज कमेटी की ओर से गढ़ी-डाकरा स्थित दुर्गा मंदिर में धूमधाम से हरितालिका तीज पर्व मनाया गया। इस मौके पर आयोजित तीज क्वीन प्रतियोगिता में महिलाओं ने रैंप पर कैटवॉक कर जलवे बिखेरे। प्रतियोगिता में तीज क्वीन संगीता खत्री बनी। दूसरे स्थान पर शोभा क्षेत्री, तीसरे स्थान पर गौरी क्षेत्री और कीर्ति भंडारी रहीं। इस मौके पर कमेटी ने बुजुर्ग हुमा क्षेत्री को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु प्रसाद गुप्ता, वरिष्ठ समाजसेवी राजन बसनेत, कैंटंबोर्ड उपाध्यक्ष राजेंद्र कौर सोंधी,अनिता डाटा, कमला थापा,वंदना बिष्ट, प्रभा शाह, माया पंवार आदि मौजूद रहे।

आमा को हाथ को पकाओ का दर खायेरा..

गल्जवाड़ी इंदिरानगर में ग्राम प्रधान लीला शर्मा के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ हरितालिका तीज उत्सव मनाया गया। महिलाओं ने होली खेलकर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की। हट जा बाडुलू हेरचू मा माईती को देश, कुटु मा, कुट मा सुपारी दाना, आमा को हाथ को पकाओ का दर खायेरा आदि गीतों पर गोर्खाली समुदाय की महिलाओं ने लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जागृति फाउंडेशन के आशीष सेमवाल रहे। इस दौरान राखी गुरुंग, ज्योति ढकाल, माया क्षेत्री, मालती क्षेत्री, कविता देवी, दीपक चौहान, अशोक खंडूड़ी, ईश्वर प्रसाद रेग्मी आदि मौजूद रहे।

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