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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कोविड-19 महामारी के चलते प्रतीकात्मक होना चाहिए कुंभ मेला

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 17 Apr 2021 09:39 AM (IST)Updated: Sat, 17 Apr 2021 11:22 PM (IST)

Haridwar Kumbh mela 2021 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज टेलीफोन पर स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कोविड-19 महामारी के चलते प्रतीकात्मक होना चाहिए कुंभ मेला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कोविड-19 महामारी के चलते प्रतीकात्मक होना चाहिए कुंभ मेला।

जागरण संवाददाता, देहरादून।  Haridwar Kumbh mela 2021  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल  प्रतीकात्मक होना चाहिए। अब तक दो शाही स्नान समाप्त हो गए हैं। वहीं, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा हम प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं। मैं लोगों से निवेदन करता हूं कि बड़ी संख्या में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर स्नान को न आएं और सभी नियमों का पालन करें। वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट के समर्थन में ट्वीट किया। उन्‍होंने संतों से कोरोना के विरुद्ध चल रही लड़ाई में समर्थन मांगा। उन्‍होंने कहा  सरकार आम जन और संत समाज की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। कहा मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया। मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी। 

प्रधानमंत्री आवाहन का संत महात्माओं ने किया स्वागत 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरिद्वार कुंभ के बाकी शाही स्नानं को प्रतीकात्मक करने के आवाहन का हरिद्वार के तमान संत महात्माओं ने स्वागत किया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित निरंजनी अखाड़ा के आचार महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत रविंद्र पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद और शंकराचार्य परिषद के  राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद भारती ने प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया और इसे राष्ट्र, काल और परिस्थिति के अनुरूप बताया।

कहा कि यह समय देश और देशवासियों की रक्षा का समय है। कोरोना से बचाव के लिए समस्त उपाय करने की आवश्यकता है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है। हम केवल सरकार के भरोसे रहकर संकट की इस घड़ी से सफलतापूर्वक बाहर नहीं आ सकते। हमें सरकार का हर सहयोग करना होगा और कोविड-19 के लिए बनाए गए सभी नियमों प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन करना होगा। संत महात्माओं ने आम जनमानस का आवाहन किया कि वह जागरूक बने और अपनी जिम्मेदारियों को समझें और कोविड-19 अनिवार्य पालन करें।

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