राज्य ब्यूरो, देहरादून

अगले वर्ष होने वाले हरिद्वार कुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में कुंभ मेले से संबंधित कार्याें की समीक्षा के दौरान कहा कि कुंभ मेला भव्यता एवं दिव्यता के साथ आयोजित होना है। यह राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है। लिहाजा, सभी विभाग प्रमुख इस आयोजन को अपनी प्रमुख जिम्मेदारी समझें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के आयोजन के दृष्टिगत स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्याें के लिए अपेक्षित बजट जारी किया जा चुका है। उन्होंने निर्माण कार्याें को उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 10 फरवरी को हरिद्वार में मेला नियंत्रण भवन में कुंभ मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित योजनाओं व कार्याें की गहन समीक्षा करेंगे। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्याें का गहनता से स्थलीय निरीक्षण कर व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हों। मुख्य सचिव भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

2019 के प्रयाग कुंभ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयाग कुंभ सफल रहा था। प्रयाग कुंभ में मेलाधिकारी रहे विजय किरण आनंद के अनुभवों का लाभ हरिद्वार कुंभ मेले में लिया जाए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ में देश-दुनिया से आने वाले 12 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं बनानी हैं। इसके लिए समयबद्धता के साथ सभी विभागों को अपनी कार्ययोजनाएं धरातल पर उतारनी होंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों के संत- महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों के साथ ही आमजन का सहयोग लिया जाए। हमारा प्रयास ये होना चाहिए कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालु अवस्मिरणीय अनुभव लेकर लौटें। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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