जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : परमार्थ निकेतन में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि हनुमान जी का चरित्र अनन्य भक्ति एवं नि:स्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्राणी, प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए उनकी सेवाएं उद्भुत हैं। उन्होंने जीवन में प्रभु की भक्ति के साथ-साथ सत्य के साम्राज्य की स्थापना में अमूल्य योगदान दिया।

शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के पावन सान्निध्य में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों व परमार्थ परिवार के सदस्यों ने गंगा के तट पर सफाई अभियान चलाया। साथ ही इस विशेष पर्व पर हनुमान चालीसा, गाय के उपलों से हवन, पूजन, विशेष गंगा आरती एवं अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। हनुमान जन्मोत्सव पर विश्व एनआरआइ एसोसिएशन के सदस्यों ने भी परमार्थ गंगा आरती एवं हवन में सहभाग किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिये हनुमान जी आदर्श हैं। हमारा भी एक ही लक्ष्य, एक ही उद्देश्य, बस प्रभु सेवा, जनता जनार्दन की सेवा,पर्यावरण की सेवा हो। राम काज कीन्हें बिना मोहि कहां विश्राम, जब तक राम काज पूर्ण न हो विश्राम कहां। उन्होंने कहा कि राम सेवा ही हमारा विश्राम बने, प्रभु सेवा ही हमारी शक्ति हो, शांति हो। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विश्व एनआरआइ एसोसिएशन के सदस्य राजेन्द्र शर्मा, पूर्व अतिरिक्त निदेशक राज्य सभा भूषण कौशिक, निशांत, शिखा, साकेत, केके मित्तल, राजश्री, त्रिलोक कुमार वत्स, शैलेन्द्र सिंह, प्रतिभा सिंह आदि को शिवत्व का प्रतीक रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

Posted By: Jagran

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