यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
12 साल से हथियार बनाकर बेच रहा था 'बीरप्पन', कई जगहों से मंगवाता था बंदूक की नाल, नट-बोल्ट व बट
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पा उर्फ बीरप्पन ने पुलिस की पूछताछ में कई राज खोले हैं। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून: मुठभेड़ के बाद पकड़े गए गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पा उर्फ बीरप्पन ने पुलिस की पूछताछ में कई राज खोले हैं। इनामी गैंगस्टर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ पिछले 12 साल से जंगल में हथियारों की फैक्ट्री चला रहा था। वह अलग-अलग जगहों से बंदूक की नाल, नट-बोल्ट व बट मंगवाता था और जंगल में पूरी बंदूक तैयार कर बेचता था। अवैध हथियार बेचने के लिए भी उसने गुर्गे रखे थे।
जंगल में शनिवार व रविवार को चले तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने बदमाश से अब तक एक पिस्तौल, चार बंदूकें, तमंचा, 28 नालें, कारतूस, अवैध हथियारों को बनाने वाले औजार बरामद किए हैं। स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से गिरफ्तार किए गए बदमाश गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पा निवासी ग्राम पहसैनी नानकमत्ता जिला ऊधमसिंह नगर, कमलदीप सिंह उर्फ कुलदीप सिंह निवासी सिद्वानवदिया नानकमत्ता जिला ऊधमसिंह नगर व बलवीर सिंह निवासी ग्राम छिनकी खटीमा ऊधमसिंह नगर को कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के इनामी बदमाश गुरदीप सिंह का ऊधमसिंह नगर, उप्र व नेपाल की तराई में खौफ बना हुआ था।
गुरदीप सिंह वहां बीरप्पन के नाम प्रसिद्ध है, जिस पर ऊधमसिंह नगर में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, पुलिस पर फायरिंग, गैंगस्टर जैसे गंभीर अपराध के दर्जनों केस दर्ज हैं। बता दें कि शनिवार को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम दिया खटीमा क्षेत्र में कामन नदी के किनारे जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की। इस दौरान बदमाश दिप्पा व उसके दो साथियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायङ्क्षरग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की।
