देहरादून, जेएनएन। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) के सचिव पद के लिए अभी से सियासत गरमाने लगी है। सचिव पद के लिए ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं, जो कभी न तो खेलते नजर आए और न ही कभी खेल का आयोजन कराते। ऐसे में भाई-भतीजावाद क्रिकेट पर भारी पड़ सकता है।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व सचिव महिम वर्मा के बीसीसीआइ उपाध्यक्ष बनने के बाद से सीएयू का सचिव पद खाली पड़ा है। जिसे भरने के लिए गुटबाजी साफ नजर आ रही है। ऐसे में चुनाव की तिथि तय होने के बाद भी एसोसिएशन अभी तक सचिव पद के संभावित दावेदारों की सूची भी तय नहीं कर पाई है। 

इसके लिए कई दौर की बैठक भी हो चुकी हैं, लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारियों में सचिव पद को चुनने के बजाय अपने चहेतों को चुनने की होड़ लगी हुई है। यही वजह है कि इस मामले में एसोसिएशन के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच मतभेद सामने आने लगे हैं। पदाधिकारियों ने सचिव पद के लिए कुछ नाम तय किए हैं, लेकिन इन नामों पर पुराने व नए पदाधिकारी आपस में सहमत नहीं हैं। 

मेहनत करने वालों को मिले मौका

मान्यता की लड़ाई में सीएयू के साथ लंबे समय से कई ऐसे लोग जुड़े रहे, जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग किया। उन्होंने एसोसिएशन के आयोजनों में पूरी मेहनत के साथ कार्य किया, लेकिन ताजपोशी का समय आने पर नए चेहरे सामने आने लगे हैं। ऐसे में जरूरी है कि मेहनत करने वाले लोगों को मौका देना चाहिए।

विक्रम अध्यक्ष व गणेश बने सचिव

कृष्णापुरम कल्याण समिति के चतुर्थ द्विवार्षिक चुनाव में सर्वसम्मति से विक्रम सिंह बिष्ट को अध्यक्ष व गणेश भट्ट को सचिव चुना गया। माजरीमाफी स्थित समिति के कार्यालय में चुनाव अधिकारी सुभाष भट्ट की देखरेख में सर्व सम्मति से चुनाव संपन्न हुए। 

इसमें विक्रम सिंह बिष्ट अध्यक्ष, कुलदीप कौल उपाध्यक्ष, गणेश भट्ट सचिव, एसपी वेदवाल कोषाध्यक्ष चुने गए। इसके अलावा राम सिंह नेगी, शैलेंद्र बिष्ट, कर्नल एसपी पोखरियाल, वर्षा शर्मा, एससी भट्ट, आरएस चौहान, संगीता नेगी, राजेंद्र सिंह पोखरिया व बीआर कौसवाल को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया।

बार चुनाव के दो उम्मीदवारों को नोटिस

बार चुनाव की आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव आचार संहिता कमेटी को अब तक सात शिकायतें मिली हैं। वहीं अन्य प्रकार से उल्लंघन की दो और शिकायतें भी मिली हैं। 

अध्यक्ष, चुनाव आचार सहिंता कमेटी अधिवक्ता मदनमोहन भट्ट ने बताया कि उम्मीदवारों की ओर से जवाब दे दिए गए हैं। कमेटी 26 फरवरी तक उम्मीदवारों की गतिविधियों की निगरानी करने के बाद आगे फैसला लेगी। वहीं, उन्होंने बताया कि यदि कोई प्रत्याशी मतदान तक आचार संहिता का पालन नहीं करता तो कमेटी कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी। 

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मतदान के दिन बाहरी व्यक्तियों से प्रचार कराना प्रतिबंधित है। वृद्ध एवं बीमार मतदाताओं के लिए मतदान स्थल तक लाने और ले जाने की व्यवस्था भी की है। प्रत्याशियों को यदि कोई शिकायत मतदान के दौरान होती हैं, तो वे लिखित में कमेटी या चुनाव अधिकारी को दे सकते हैं।

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Posted By: Bhanu

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