विकासनगर (देहरादून), जेएनएन। प्रवासियों को क्वारंटाइन नियमों का पालन करवाने के लिए देहरादून जिले के विकासनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर की प्रधान रूपा देवी ने अनूठी पहल की है। इसके तहत क्वारंटाइन नियमों का पालन करने वालों को पुरस्कार के रूप में एक-एक हजार की धनराशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा क्वारंटाइन अवधि में प्रवासियों के खाने-ठहरने का इंतजाम भी ग्राम प्रधान ही करेंगी।

इन दिनों विभिन्न राज्यों से बड़ी तादाद में प्रवासी उत्तराखंड लौट रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में उन्हें क्वारंटाइन करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। लेकिन, कई प्रवासी क्वारंटाइन नियमों की अनदेखी कर उनके और गांव-पड़ोस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर की प्रधान रूपा देवी ने अन्य प्रधानों के सामने भी नजीर पेश की है। उन्होंने एलान किया है कि ग्राम पंचायत में क्वारंटाइन किए गए प्रवासियों को पंचायत की ओर से पुरस्कार स्वरूप एक-एक हजार रुपये दिए जाएंगे। लेकिन, इसके लिए उन्हें क्वारंटाइन नियमों का अक्षरश: पालन करना होगा। 

ग्राम प्रधान का कहना है कि क्वारंटाइन किए गए प्रवासियों के खाने-ठहरने की व्यवस्था वह अपने खर्चे पर करेंगी। कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने पर ही हम कोरोना महामारी से निजात पा सकते हैं। उन्होंने गांव लौट रहे प्रवासियों से अपील की कि अपने, परिवार, समाज एवं राष्ट्र के हित में नियमों की अनदेखी न करें।

तीन हजार अधिवक्ताओं ने वित्तीय सहायता को किया आवेदन

लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे 3000 अधिवक्ताओं ने वित्तीय सहायता के लिए आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तिथि 18 मई होने के बाद अब बार काउंसिल ने आवेदनों की कॉपियां प्रिंट करनी शुरू कर दी हैं। 26 मई से आवेदनों की स्क्रूटनी शुरू होगी। इसके बाद जरूरतमंद अधिवक्ताओं के खाते में पांच हजार रुपये की मदद दी जाएगी। लॉकडाउन के दौरान अदालतें बंद होने के कारण कई अधिवक्ता वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। 

ऐसे में बार काउंसिल आफ उत्तराखंड ने ऐसे अधिवक्ताओं की मदद करने की योजना बनाई है। इनके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। जिनका प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। हालांकि आवेदन की प्रक्रिया जटिल होने के कारण कुछ अधिवक्ताओं ने इसका विरोध भी किया था, जिसके कारण काउंसिल ने कुछ शर्ते हटा दी थीं। बार काउंसिल के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र पुंडीर ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 26 मई से स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो या तीन दिनों में जरूरतमंद अधिवक्ताओं के खाते में पैसे डालने की प्रक्रिया होगी।

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कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों से न ली जाए फीस

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) ने एचएनबी गढ़वाल विवि के कुलाधिपति से कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों से इस बार सेमेस्टर परीक्षा शुल्क न वसूलने की मांग की है। युवा कांग्रेस के मीडिया प्रभारी विकास नेगी ने कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण को ऑनलाइन भेजे ज्ञापन में बताया कि गढ़वाल विवि से संबद्ध सभी अशासकीय कॉलेजों के छात्र-छात्रएं आजकल परीक्षा फार्म भर रहे हैं। विवि की ओर से फार्म भरने की अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित है। परीक्षा फार्म के साथ छात्रों को फीस भी भरनी पड़ रही है जबकि लॉकडाउन के चलते सैंकड़ों छात्रों के परिजनों के पास आय का कोई साधन नहीं है ऐसे छात्र परीक्षा शुल्क भरने में असमर्थ हैं।

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