राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में कार्यरत ग्राम चौकीदारों और विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन-संविदा व आउटसोर्स पर तैनात कर्मियों को राहत दी है। ग्राम चौकीदारों का मानदेय दोगुना कर 2000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के अनुबंध नवीनीकरण में अब रोटेशन प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी।

राज्य में पुलिस द्वारा गांवों में ग्राम प्रहरियों की तर्ज पर ग्राम चौकीदारों की तैनाती की जाती है। इन्हें अभी तक एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था, जिसे वे बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर अब राज्य में कार्यरत 3981 ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इससे सरकार पर प्रतिमाह 3981000 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

वहीं, विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन-संविदा व आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से तैनात कर्मियों को भी सरकार ने राहत दी है। दरअसल, शासन ने बीती 27 अपै्रल को शासनादेश जारी कर व्यवस्था दी थी कि संविदा व आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती केवल 11 माह होगी और इसके लिए बाकायदा अनुबंध किया जाएगा। यह व्यवस्था उन पर भी लागू होगी, जो पहले से विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। उनके अनुबंध के नवीनीकरण में रोटेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसे लेकर संबंधित कार्मिकों में आक्रोश था और वे इसे लेकर शासनादेश में संशोधन की मांग कर रहे थे।

अब शासन ने 27 अप्रैल को जारी शासनादेश में संशोधन कर इस शर्त को हटा दिया है। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 27 अपै्रल के शासनादेश में उल्लिखित वाक्य 'आउटसोर्सिग एजेंसी द्वारा पूर्व से नियोजित व्यक्ति के अनुबंध नवीनीकरण के समय रोटेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी', को विचारोपरांत विलोपित किए जाने का निर्णय लिया गया है। शासनादेश के शेष सभी दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे।

Posted By: Jagran