जागरण संवाददाता, देहरादून: विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल चमोली जिले में स्थित औली के गौरसौं बुग्याल(पहाड़ में घास के मैदान) क्षेत्र को विंटर गेम्स के लिए उपयोगी पाया गया है। इसे विकसित करने को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने 1.50 करोड़ के मास्टर प्लान का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके बाद यहां हिम खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन किए जाएंगे।

यूटीडीबी की बैठक के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि औली में विंटर गेम्स के आयोजन के लिए कई बार पर्याप्त बर्फ नहीं मिलती। ऐसे में हमने गौरसौं बुग्याल का निरीक्षण करवाया, जहां पर्याप्त मात्रा में बर्फबारी होती है। गौरसौं बुग्याल को औली से रोपवे के माध्यम से जोड़कर वहां पर्यटन गतिविधियों को विकसित किया जाएगा।

प्रदेश में पांच रोपवे और बनेंगे

प्रदेश में पैराग्लाइडिंग, माउंटेन टेरन बाइकिंग, एडवेंचर समिट, स्कीइंग चैंपियनशिप, टिहरी झील महोत्सव, योग महोत्सव के आयोजन के प्रस्ताव भी पास हुए। बताया गया कि एनएचएआइ के साथ हुए अनुबंध के तहत प्रदेश में पांच रोपवे (पंच कोटी से बौराड़ी, बलाटी बैंड से खलिया टाप, ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गौरसौं और रानीबाग से हनुमान गढ़ मंदिर के बीच) बनाने को सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है।

क्याक, कैनोइंग व क्याकिंग चैंपियनशिप का प्रस्ताव

ऋषिकेश में गंगा क्याक फेस्टिवल, टिहरी में कैनोइंग फेस्टिवल, बौर जलाशय में क्याङ्क्षकग चैंपियनिशप कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा योग महोत्सव, छोटा कैलाश माउंटेनियरिंग अभियान, पिंडारी में ट्रैक आफ द इयर के साथ हाई एंड लो एल्टीट्यूड ट्रैकिंग ट्रेनिंग कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।

केदारनाथ व हेमकुंड के लिए रोपवे

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे निर्माण होगा, जबकि जार्ज एवरेस्ट मार्ग को डबल लेन किया जाएगा। बैठक में पौड़ी के कण्वाश्रम पुनर्निर्माण, केदारनाथ धाम यात्री शेल्टर निर्माण, कैरावैन, चाय बागान, होम स्टे टूरिज्म व नेचर गाइड के प्रशिक्षण का प्रस्ताव भी पारित किए गए।

Edited By: Nirmala Bohra