जागरण संवाददाता, विकासनगर: जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर के लोक गायक स्वर्गीय जगत राम वर्मा की पुण्यतिथि पर बेलावाला में धुमसू संस्था के सौजन्य से स्थापित स्वरांजलि संगीत विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। लोकगायक के पुत्र राहुल वर्मा ने गीत गाकर अपने पिता की याद ताजा की। संस्था ने सरकार से उत्तराखंड की लोक संस्कृति में योगदान देने वाले कलाकारों की सुध लेने की मांग भी की।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकत्र्ता रूपा शर्मा, विशिष्ट अतिथि शशि चौहान, कवियत्री विमला, भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर, अरविद शर्मा, विद्यालय की निर्देशक व जौनसार की प्रथम महिला गायक शांति वर्मा के नेतृत्व में लोक कलाकारों ने लोक गायक स्वर्गीय जगत राम के गाए गीतों की प्रस्तुतियां दी। उनके सुपुत्र राहुल वर्मा ने छुड़ा गीत गाकर याद ताजा कर दी। धुमसू जौनसारी जनजाति सांस्कृतिक और सामाजिक संस्था परिसर में लोकगायक की याद में फलदार पौधे भी रोपित किये गए। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर लोक गायक वर्मा को पुष्पाजंलि भेंट की। जौनसार की प्रथम महिला गायिका शांति वर्मा व अन्य वक्ताओं ने कहा कि जौनसार-बावर के सांस्कृतिक इतिहास में जगतराम वर्मा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जिन्होंने जौनसार-बावर की संस्कृति को गीतों के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाने का काम किया और अपनी मातृभाषा व जौनसार-बावर के लोकगीत व संस्कृति संरक्षण के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वक्ताओं का कहना है कि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल न करने के कारण आज भी उनका परिवार अपने आपको उपेक्षित महसूस करता है। सरकार को चाहिए कि जिन कलाकारों के अंदर हुनर है और लोक संस्कृति संरक्षण में जिनका अनूठा योगदान रहा है, उनके लिए सकारात्मक पहल की जाए, ताकि उभरते लोक कलाकार व गायक लोक संस्कृति को अपने गीतों के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचा सके और गर्व महसूस करें। कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए किए गए कार्यक्रम में लोक गायिका सितारा, सन्नी दयाल, शमशेर परमार, सुरेश, मीना, मनीष अग्रवाल, सूरज तोमर, सीताराम शर्मा, भीम दत्त शर्मा, सचिन वर्मा, भगत दयाल, रणवीर शर्मा, नीलम वर्मा, रश्मि पोखरियाल, खुशी तोमर, रोशनी चौहान, अंकित बिजलवान, भारती, अनुज, शिवम्, अमृत आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran