जागरण संवाददाता, ऋषिकेश:

पौड़ी जनपद में चीला-कुनाऊं क्षेत्र के लिए स्वीकृत अंग्रेजी शराब के ठेके को स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते स्थायी ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। वहीं राजाजी टाइगर रिजर्व की कोर जोन में इस तरह की गतिविधियों पर सख्त रोक के बावजूद ठेका संचालक ने कोर जोन में ही ट्रक से शराब की बिक्री शुरू कर दी है।

आवकारी विभाग ने पौड़ी जनपद के यमकेश्वर प्रखंड में चीला-कुनाऊं क्षेत्र में अंग्रेजी शराब का ठेका स्वीकृत किया है। पिछले लंबे समय से अनुज्ञापी क्षेत्र में ठेका खोलने का प्रयास कर रहा है। मगर, स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते अभी तक ठेके के लिए स्थायी जगह नहीं मिल पाई है। वहीं यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व की गौहरी तथा चीला रेंज में आता है, जो पार्क का कोर जोन है। पार्क के कायदे-कानूनों के मुताबिक कोर जोन में इस तरह की गतिविधियों को कतई अनुमति नहीं दी जा सकती। पिछले दिनों जब अनुज्ञापी ने प्रशासन की आंख में धूल झोंककर बैराज-कुनाऊं के पास ठेका खोलने की तैयारी की तो स्थानीय नागरिक विरोध में आगे आ गए। नागरिकों का विरोध राजाजी पार्क के खिलाफ था। उनका कहना था कि जब गांव में छोटे-बड़े विकास के नाम पर पार्क प्रशासन पार्क के कानून का हवाला देकर विकास कार्यों में बाधा बनता है तो शराब की दुकान को कोर जोन में कैसे अनुमति दी जा रही है। विरोध के चलते अनुज्ञापी का शराब भरा ट्रक पिछले कई दिनों से यहां पार्क क्षेत्र में ही जगह-जगह पर खड़ा किया जा रहा है।

उधर, शनिवार को अनुज्ञापी ने बैराज-लक्ष्मणझूला मार्ग पर जंगलात चौकी से कुछ दूरी पर ट्रक में ही शराब की बिक्री शुरू कर दी। उधर, बैराज तिराहे पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शराब के ट्रक को कुनाऊं गांव की तरफ लाने के विरोध में डटे रहे। हैरानी की बात तो यह रही कि पूरे दिन अनुज्ञापी यहां गौहरी वन रेंज के अधिकारी व कर्मचारियों की नाक के नीचे कोर जोन में खुलेआम ट्रक से शराब बेचता रहा और उसे रोकने तक की किसी ने जहमत नहीं उठाई। इस संबंध में राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि राजाजी टागइर रिजर्व के संबंधित क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि को सख्ती से रोकने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। यदि इसके बाद भी ट्रक में शराब बेची जा रही है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रेंज अधिकारी गौहरी रेंज व चीला रेंज को कानूनी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।

Edited By: Jagran