ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में विभिन्न पदों पर नौकरी का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति वाले गिरोह का सरगना दीपक तोमर और उसका साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। गिरोह की दूसरी सरगना पुष्पा शाह समेत दो अन्य लोग अभी भी फरार है। 

इस साल 19 जनवरी को एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने आठ लोगों को एम्स के फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों के साथ पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया था। इसके बाद 21 जनवरी को इस मामले में पीड़ित पारस कुमार पुत्र धनीराम निवासी बीएसएम चौक थाना गंग नहर रुड़की हरिद्वार में कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने अपनी तहरीर में कहा था कि एम्स में संविदा पर नौकरी लगाने के नाम पर दीपक गोवारी पुत्र इंद्र गोवारी ने उनसे थाई लाख रुपए लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। 

उनका आरोप था कि दीपक के साथ कुछ लोग मिलकर एम्स में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठग रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने 26 जनवरी को दीपक गोवारी और उसके सात अन्य साथियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एम्स से संबंधित फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे। वहीं इस मामले में गिरोह के सरगना दीपक तोमर पुत्र सहेंद्र निवासी 614 बी रेस कोर्स निकट पुलिस लाइन देहरादून समेत दूसरी सरगना पुष्पा शाह निवासी चूना भट्टा रायपुर देहरादून और प्रशांत शर्मा निवासी विद्या विहार कोतवाली पटेल नगर देहरादून फरार चल रहे थे। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम को सूचना मिली कि दीपक तोमर अपने एक अन्य साथी महेश आर्य पुत्र तोताराम आर्य निवासी पंजाब सिंध क्षेत्र धर्मशाला मुखर्जी मार्ग ऋषिकेश श्यामपुर नेपाली फार्म के पास खड़ा है। 

पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उनके कब्जे से एम्स हॉस्पिटल से संबंधित फर्जी दस्तावेज जिनमें निदेशक प्रोफेसर रवि कांत के फर्जी हस्ताक्षर वाले नियुक्ति पत्र, एम्स के कई खाली लेटर पैड, कोर सिक्योरिटी कंपनी में विभिन्न पदों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। 

मुख्य आरोपित की पैरवी में आई महिला चर्चा में 

एम्स में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना दीपक तोमर की पैरवी करने वाली एक हाई प्रोफाइल महिला चर्चा का विषय बनी है। सफेद रंग की लग्जरी कार में आई यह महिला पुलिस अधिकारियों के इर्द गिर्द चक्कर काटते नजर आई। कोतवाली परिसर में आई इस महिला के बारे में जानकारी मिली कि वह कोटद्वार की रहने वाली है।

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