देहरादून, जेएनएन। विधानसभा की कार्यवाही के साथ ही सड़क से लेकर सदन तक माहौल गर्माया रहा। विभिन्न संगठनों ने रैली निकालकर विधानसभा कूच किया और सरकार को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान किसी ने गैरसैंण राजधानी की मांग की तो कोई पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग पर अड़ा रहा। 

पदोन्नति में आरक्षण को गाजे-बाजे के साथ किया प्रदर्शन उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के सदस्यों ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। मंच के सदस्य रैली के रूप में गाजे-बाजे के साथ धर्मपुर से विधानसभा के लिए निकले। 

रिस्पना पुल से पहले ही पुलिस ने बेरिकेडिंग पर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोके रखा। जिसके बाद वे वहीं सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। 

मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि बीते आठ दिन से क्रमिक अनशन करने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी सुध नहीं गई, जिसके चलते उन्हें विधानसभा कूच को बाध्य होना पड़ा। कहा कि पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और तीन साल से रुके एससी एसटी छात्रवृत्ति के भुगतान को जारी करने समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर मंच आंदोलनरत है। 

दौलत कुंवर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं करती तो वे बेमियादी अनशन शुरू कर देंगे। प्रदर्शन के बाद मंच के सदस्यों ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। 

प्रदर्शनकारियों में युवा मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, महिला मोर्चा की संरक्षक सरस्वती, विमला सिलोढ़ी, सुनीता पांडेय, रानी देवी, संजय सिंह, जयंती देवी, सुरेंद्र रावत, सुमित्रा देवी, सरोजनी देवी आदि शामिल थे। 

गैरसैंण राजधानी घोषित करने की मांग 

गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी व पूर्णकालिक राजधानी बनाने की माग को लेकर गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संस्था ने भी विधानसभा के लिए कूच किया। नेहरू कॉलोनी के फौव्वारा चौक रैली के रूप में विधानसभा को रवाना हुए संस्था के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर निशाना साधा। अंत में अपर नगर सचिव मायादत्त जोशी को ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में संगठन ने इस बात को उठाया है कि सरकार पर्वतीय प्रदेश की राजधानी पर्वतीय नगर गैरसैंण में स्थापित करे। प्रदर्शन करने वालों में वालों में गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के संयोजक लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मनोज ध्यानी, मदन सिंह भंडारी, प्रदीप कुकरेती, चिह्नित राज्य आदोलनकारी समिति के अध्यक्ष जबर सिंह पावेल, उत्तराखंड आदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, युवा छात्र विकास सेमवाल, सचिन थपलियाल, ओमी उनियाल उक्रांद जिला अध्यक्ष सुनील ध्यानी, पुष्कर सिंह भंडारी काग्रेसी नेता राजेंद्र शाह, बेरोजगार संघ के महामंत्री वीरेश चौधरी, विकलाग संघ के अध्यक्ष बृजमोहन नेगी, कुलदीप सिंह, फुटबॉल रेफरी संघ के वीरेंद्र सिंह रावत आदि शामिल रहे।

शीशमबाड़ा से शिफ्ट किया जाए ट्रेंचिंग ग्राउंड 

शीशमबाड़ा प्लांट को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विधानसभा कूच किया। दर्जनों की संख्या में आए शीशमबाड़ा क्षेत्र के लोगों को पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोक लिया जहां उन्होंने बैनर हाथ में लेकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठने वाली दुर्गध और यहां से जमीन में समा रहे द्रव्य से हवा और पानी प्रदूषित हो रहे हैं। जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बना हुआ है। 

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लोगों को यहां कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इसे अन्यत्र शिफ्ट न किए जाने से हजारों की आबादी की सेहत बिगड़ रही है। इस दौरान सुरेंद्र सिंह गुसाई, सहदेव सिंह, सतपाल धानिया, लक्ष्मी बुटोला, कविता कुमारी, सुनील शर्मा, पुष्पा नेगी, मुन्नी देवी, अजीत रावत, जितेंद्र कुमार गुप्ता, नीमा जोशी, बबीता रावत आदि उपस्थित थे।

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