देहरादून, [जेएनएन]: जम्मू-कश्मीर के 150 युवक उत्तराखंड में सेना भर्ती का प्रशिक्षण लेंगे। इसके लिए युवाओं ने यूथ फाउंडेशन से संपर्क किया है। अगले साल से फाउंडेशन इन युवाओं को प्रशिक्षण के लिए दून बुलाएगा। इसके अलावा सेना में महिलाओं की भर्ती के लिए भी राज्य में 450 बेटियां इन दिनों फाउंडेशन के कैंपों में प्रशिक्षण ले रही हैं। 

गढ़वाल रायफल की चौथी बटालियन के 58वें स्थापना दिवस पर गुरुवार को बालावाला में आयोजित यूथ फाउंडेशन के कार्यक्रम में उक्त बातें एनआइएम के प्रधानाचार्य व यूथ फाउंडेशन के मार्गदर्शक कर्नल अजय कोठियाल ने कहीं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के दो युवक इन दिनों सेना का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनसे प्रेरणा लेते हुए 150 युवकों ने और आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बटालियन ने देश सेवा, गौरवशाली परंपरा, वीरता निभाते हुए देश रक्षा में हमेशा आगे रही हैं। इस मौके पर यूथ फाउंडेशन में सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले रही युवतियों ने खुखऱी डांस, पिरामिड, बंबू क्लाइमिंग और एरोबिक्स का प्रदर्शन किया। इस दौरान गढ़वाली गीतों पर योग का प्रदर्शन करते हुए युवतियों ने खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सरदारनी हरेंद्र पाल कौर ने फाउंडेशन के कार्यक्रम की तारीफ करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर सरदार भगत सिंह इंस्टीट्यूट के चेयरमैन एसपी सिंह, ब्रिगेडियर (रि.) राजू रावत, आइजी (रि) एसएस कोठियाल ने शहीद हुए सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में कर्नल (रि.) वीएस नेगी, पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, सूबेदार मेजर तेजपाल सिंह नेगी, गंगोत्री से स्वामी सुंदरानंद, कर्नल (रि) आईपी सिंह, ऑनरेरी कैप्टन नंदन सिंह रावत, चौधरी विक्रम सिंह, महिपाल सिंह बुटोला, मोहन सिंह, आमोद पंवार समेत अन्य मौजूद रहे।

पत्थरबाजी छोड़ देशभक्ति अपनाएं

यूथ फाउंडेशन में सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले रहे उरी (कश्मीर) के युवक मो. शौकत और तारिक अहमद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं से वह अपील करेंगे कि पत्थरबाजी छोड़ देशरक्षा के लिए आगे आएं। उनके यहां आने के बाद कई युवकों ने प्रशिक्षण लेकर सेना में भर्ती होने की बात कही है। अपने दोस्तों से भी उन्होंने देश सेवा में जुटने की अपील की है। 

चीन युद्ध में दिया बलिदान 

इस मौके पर वक्ताओं ने बताया गया कि पलटन ने अपने शौर्य और वीरता के दम पर 1962 के भारत-चीन युद्ध की तस्वीर बदल दी थी। इस युद्ध में चौथी गढ़वाल के तीन अफसर, चार जेसीओ, 147 सैनिक ने सर्वोच्च बलिदान देकर देशभक्ति में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा। नूरानांग की लड़ाई में महावीर चक्र विजेता शहीद रायफल मैन जसवंत सिंह और चौथी गढ़वाल ने चीन के इरादों को धूल में मिला दिया। इस एतिहासिक युद्ध में चौथी गढ़वाल को बैटल ऑनर नूरानांग की मानद उपाधि मिली।

यह भी पढ़ें: 1971 युद्ध के किस्से याद कर फड़क उठी भुजाएं

यह भी पढ़ें: 53 कैडेट भारतीय सैन्य अकादमी की मुख्यधारा में हुए शामिल, देखें तस्‍वीरें

यह भी पढ़ें: जिंदगी की जंग में भी योद्धा साबित हुए ये जवान 

Posted By: Sunil Negi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप