विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अंकिता भंडारी केस: ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार, भड़काऊ ऑडियो-वीडियो वायरल करने का आरोप

Published: Sun, 14 Jun 2026 11:50 PM (IST)

ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अंकिता भंडारी मामले से जुड़े आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो प्रसारित करने के आरोप में देहरादून ...और पढ़ें

ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार।

ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार।

HighLights

  1. पूर्व विधायक सुरेश राठौर अंकिता भंडारी केस में गिरफ्तार।

  2. भड़काऊ ऑडियो-वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगा।

  3. भाजपा नेताओं को बदनाम करने की साजिश का दावा।

जागरण संवाददाता, देहरादून। अंकिता भंडारी से जुड़े आडियो-वीडियो प्रसारित होने के मामले में डालनवाला कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में पुलिस ने ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया है।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोप लगाया था कि अंकिता भंडारी के मामले में इंटरनेट मीडिया पर सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर के कुछ ऑडियो-वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।

इसमें जानबूझकर उनका और भाजपा के अन्य नेताओं का नाम लेकर उन्हें बदनाम करने व साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, यह पूरी कवायद राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। इसका उद्देश्य जनता को गुमराह कर प्रदेश के माहौल को अशांत करना है।

शिकायत में यह भी कहा गया कि उक्त आडियो-वीडियो में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे न केवल शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, बल्कि भाजपा और उसके पदाधिकारियों की सामाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है।

आरोप है कि इस कथित साजिश में कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने मिलकर प्रदेश और अन्य राज्यों में तनाव, उपद्रव और दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया है।

एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने बताया कि बताया कि डालनवाला कोतवाली में दर्ज मुकदमे में सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ डालनवाला कोतवाली के अलावा अन्य थानो में भी मुकदमे दर्ज हैं।

यह भी पढ़ें- ऋषिकेश: खतरे की चेतावनी को नजरअंदाज कर गंगा में नहाने गया दिल्ली का पर्यटक, घाट पर डूबकर लापता

यह भी पढ़ें- 'भाषा रहेगी तो संस्कृति बचेगी', जागरण संवादी देहरादून में उठा लोक अस्मिता का सवाल