जागरण संवाददाता, देहरादून। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राज्यमंत्री रहे किशोर उपाध्याय के भाई सचिन उपाध्याय की पत्नी नाजिया यूसुफ को पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में वांछित मानते हुए उसपर एक हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत की ओर से इस संबंध में सूचना जारी की गई है। नाजिया यूसुफ वल्र्ड इंटीग्रेटेड सेंटर (डब्ल्यूआइसी) की निदेशक भी है। 

ग्राम चालांग राजपुर निवासी सचिन उपाध्याय और उनकी पत्नी नाजिया यूसुफ के खिलाफ राजपुर थाने में 12 मार्च 2017 को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा दिल्ली में कारोबार करने वाले और मूल रूप से दून के ट्रेफलघर अपार्टमेंट धोरणखास निवासी मुकेश जोशी ने दर्ज कराया था। मुकेश ने अपनी शिकायत में राजपुर थाना पुलिस को बताया था कि वर्ष 2012 में दिल्ली के एक थाने में सचिन व नाजिया के खिलाफ उन्होंने फर्र्जी हस्ताक्षर कर उनकी संपत्ति खुर्द-बुर्द करने का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

जिसमें तय हुआ कि मुकेश को सचिन 2.65 करोड़ रुपये देगा। साथ ही जब तक यह रकम अदा नहीं कर दी जाती, तब तक आरोपित की राजपुर रोड स्थित एक संपत्ति पीडि़त के पास बंधक रहेगी। मुकेश जोशी के अनुसार कई बार संपर्क करने के बावजूद आरोपित ने रुपये नहीं लौटाए। इसी बीच उन्हें पता चला कि आरोपित ने समझौते के तहत उनके पास बंधक रखी गई संपत्ति पर बैैंक से लोन ले लिया है। इसको लेकर मुकेश ने सचिन से विरोध जताया तो उसने रकम देने से इंकार कर दिया और धमकियां देने लगा। 

राजपुर थाने में दर्ज मामले में एसआइटी की जांच के बाद पुलिस ने जनवरी 2020 में आरोपित सचिन उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि नाजिया फरार हो गई। पुलिस ने नाजिया के आवास पर कोर्ट में पेश होने का नोटिस भी चस्पा किया था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुई। 

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