पूर्व CM हरीश रावत का कांग्रेस नेतृत्व को संदेश, बोले- मैं वो बूढ़ा जो गलत होने पर खासूंगा ही
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पर मार्मिक पत्र लिखकर पार्टी के प्रति समर्पण जताया। उन्होंने कहा कि गलत होने ...और पढ़ें

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी बेबाक शैली में पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व को नसीहत दी तो कांग्रेस के प्रति अपने समर्पण और सबकुछ झोंकने का उल्लेख किया है।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर जारी मार्मिक पत्र में हरदा ने अपने अर्जित अवकाश से उपजे विवाद पर दुख जताते हुए कहा कि वे पार्टी पर बोझ नहीं बनना चाहते, पर उनकी सक्रियता और राजनीतिक विषयों पर राय देने की आदत नहीं बदलेगी।
साथ ही तीखे अंदाज में लिखा-मुझे अनावश्यक विवादों में घसीटने के बजाय मेरे दोस्तों को यह मान लेना चाहिए कि यह एक ऐसा बूढ़ा है, जो गलत होने पर खांसेगा ही।
हरदा ने अपनी सक्रियता, पार्टी के भीतर जारी अंतरविरोधों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पत्र में स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने कहा कि वह पहले ही 2027 का विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। बढ़ती उम्र के कारण वह खुद को सीमित कर सकते हैं, लेकिन पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।
वर्ष 2027 उनके लिए कांग्रेस को विजयी बनाने का अंतिम अवसर है। यदि थोड़ा और प्रयास करें तो हम भाजपा को पराजित कर सकते हैं।
पार्टी के भीतर से आ रही टिप्पणियों पर तंज कसते हुए उन्होंनें लिखा-मुझ पर टिप्पणी करने वाले छोटे-बड़े भाइयों को याद रखना चाहिए कि मोर्चे पर लड़ने वाला सिपाही हार जाता है तो उसे गाली नहीं दी जाती।
जब युद्ध का बाजा बजेगा तो हरीश रावत फिर रणभूमि में दिखाई देगा। साथ ही आगाह किया कि इंटरनेट मीडिया या मीडिया में उनका सार्वजनिक ट्रायल जारी रहा तो उनके पास घर बैठने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
उन्होंने परिवारवाद के आरोपों को सिरे से खारिज किया। साथ ही रामनगर के नेता संजय नेगी को लेकर भी सफाई दी है। उन्होंने जोड़ा कि नये खून को जोड़ने और युवाओं को आगे बढ़ाने के उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
