राज्य ब्यूरो, देहरादून। हाल ही में भाजपा से कांग्रेस में वापसी करने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने पद से इस्तीफा देने के साथ ही सरकारी आवास व वाहन भी छोड़ दिया। यशपाल आर्य कांग्रेस में जाने से पहले भाजपा सरकार में परिवहन एवं आबकारी मंत्री का दायित्व निभा रहे थे। सोमवार को उन्होंने भाजपा छोड़ कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। जिस दिन उन्होंने पार्टी छोड़ी, उसी दिन उन्होंने सरकारी वाहन भी राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दिया।

इसके बाद उन्होंने यमुना कालोनी स्थित सरकारी आवास भी खाली करना शुरू कर दिया। इस बंगले में वह साढ़े नौ साल से रह रहे थे। वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार के दौरान बतौर मंत्री उन्हें यह बंगला आवंटित हुआ था। वह तब से ही इस बंगले में रह रहे थे। मंगलवार रात से ही उनके बंगले का सामान रवाना होना शुरू हो गया था। उन्होंने बंगला खाली करने की सूचना भी राज्य संपत्ति विभाग को भिजवाई। यही कारण रहा कि बुधवार को राज्य संपत्ति विभाग के कर्मियों ने सरकारी आवास का निरीक्षण किया। बुधवार को भी आवास खाली करने का काम चलता रहा।

वहीं, उनके पुत्र और विधायक संजीव आर्य ने भी इस्तीफा देने के बाद सोमवार शाम को ही विधायक हास्टल में आवंटित कक्ष खाली कर दिया था। अमूमन अभी तक यह देखा जाता है कि पद छोड़ने अथवा पद से हटने के बाद मंत्री कई महीनों तक बंगला नहीं छोड़ते हैं। नियमानुसार यशपाल आर्य के पास आवास छोड़ने के लिए अभी वक्त था, लेकिन उन्होंने तुरंत आवास छोड़ दिया।

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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहुंची देहरादून

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उत्तराखंड भ्रमण पर बुधवार शाम देहरादून पहुंची। राजभवन में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच सामयिक विषयों पर चर्चा हुई। वह गुरुवार को भी देहरादून में ही रहेंगी।

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Edited By: Sunil Negi