जागरण संवाददाता, देहरादून: देश के प्रतिष्ठित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) की मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) भर्ती परीक्षा का परिणाम रोक दिया गया है। परीक्षा के विवादों में घिर जाने और लंबे समय तक समाधान की राह नहीं मिलने के बाद संस्थान के रजिस्ट्रार एसके थोमस ने परिणाम पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इससे परीक्षा में शामिल हुए 4300 से अधिक अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।

यह परीक्षा तीन अक्टूबर 2021 को आयोजित की गई थी। एमटीएस के 40 पदों के लिए देशभर से 4300 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस दौरान खुड़बुड़ा स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के केंद्र में पेपर साल्वर का प्रकरण सामने आ गया।

पेपर साल्वर तो फरार हो गया था, लेकिन मुख्य अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया गया। तभी से परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे।

विभिन्न स्तर पर परीक्षा को निरस्त करने की मांग भी उठने लगी थी। लंबे समय तक एफआरआइ प्रशासन परीक्षा परिणाम घोषित करने की राह तलाशता रहा। कोई सूरत नहीं दिखी तो अब परिणाम निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए गए।

एफआरआइ के रजिस्ट्रार एसके थोमस ने बताया कि अब दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि, अभी इसकी तिथि घोषित नहीं की जा सकी है। सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा, जो पिछली परीक्षा में शामिल हुए थे। इस दफा परीक्षा को चाक चौबंद बनाने के लिए विभिन्न स्तर पर तैयारी की जा रही है।

2018 की भर्ती परीक्षा पर भी लगे थे आरोप

एफआरआइ ने वर्ष 2018 में भी एमटीएस समेत विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। देश के 16 केंद्रों में आयोजित परीक्षा में करीब 34 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा में हरियाणा के आठ अभ्यर्थी ब्लूटूथ का प्रयोग करते पकड़े गए थे। तब परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर जांच भी बैठाई गई थी और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

Edited By: Sunil Negi