देहरादून, जेएनएन। लक्ष्मी जी के वाहन उल्लू की जान दीपावली पर मुसीबत में रहती है। तंत्र पूजा में उल्लू की मांग होने के कारण शिकार का खतरा बढ़ जाता है। इसको लेकर वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वन गार्ड से गश्त में मुस्तैदी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लू संरक्षित सूची का वन्य प्राणी है। दून वन प्रभाग के अंतर्गत जंगलों में उल्लू पाए जाते हैं। उल्लू को आम दिनों में बेशक अशुभ समझा जाता है लेकिन दीपावली में इसकी महत्ता बढ़ जाती है। मान्यता है कि तंत्र पूजन में उल्लू का उपयोग होने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है। इस वजह से इसकी डिमांड बढ़ जाती है। एक-एक उल्लू का 20 हजार से एक लाख रुपये तक सौदा होता है। इसको बलि देने के लिए जंगलों से उल्लू का शिकार किया जाता है। इधर देहरादून वन प्रभाग के अंतर्गत लच्छीवाला, मालसी, आशारोड़ी, झाझरा के जंगलों में उल्लू पाए जाते हैं। इनका शिकार नहीं हो इसको लेकर वन फोर्स को अलर्ट किया गया है। दिन-रात गश्त बढ़ाने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजीव धीमान (डीएफओ देहरादून वन प्रभाग) का कहना है कि उल्लू के शिकार की आशंका के मद्देनजर गश्त करने को लेकर मुख्यालय से भी एडवाइजरी जारी हुई है। प्रभाग में सभी रेंजों में भी फोर्स को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों को देख उत्तराखंड में सुरक्षा पर खास फोकस

इन दिनों चल रहे त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड के धार्मिक स्थानों पर पुलिस व खुफिया विभाग की पैनी नजर है। विशेषकर, हरिद्वार व ऋषिकेश के लिए पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया हुआ है। इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं। फिर दशहरा और उसके बाद दीपावली का त्योहार है। तीर्थाटन प्रदेश होने के कारण इस समय प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थानों पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है। यह भीड़ आतंकियों का साफ्ट टार्गेट भी रहती है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों पर पैनी नजर रखी हुई है। 

त्योहारों के दौरान यह सुरक्षा और बढ़ाई गई है। रविवार को कश्मीर में एक आतंकी के पकड़े जाने और उसके द्वारा दशहरा पर्व के दौरान देश के विभिन्न धार्मिक स्थानों पर आतंकी साजिश के खुलासे के बाद केंद्र ने सभी प्रदेशों के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है। वहीं, दिल्ली में चार आतंकियों की मौजूदगी के बाद आसपास के प्रदेशों में सुरक्षा कड़ी की गई है। हालांकि, उत्तराखंड को इस संबंध में अभी कोई पत्र नहीं मिला है लेकिन यहां पहले से ही धार्मिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ी हुई है। 

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में बाघ सुरक्षा को खुलेंगे चार वन्यजीव अंचल, पढ़ि‍ए पूरी खबर

यहां पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी बाहर से आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए है। पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश में पहले से ही धार्मिक स्थानों पर अलर्ट जारी किया हुआ है। यहां पुलिस से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: मानव-वन्यजीव संघर्ष थामने को तैयार किया जा रहा नेशनल एक्शन प्लान, जानिए

Posted By: Sunil Negi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस