जागरण संवाददाता, देहरादून: विधानसभा चुनाव के लिए तैनात फ्लाइंग स्क्वायड ने नेहरू कालोनी क्षेत्र में एक कार से 37 लाख रुपये बरामद किए। इस रकम को जब्त कर कोषागार में डबल लाक में रखवाया गया है। उधर, भारी कैश मिलने के बाद आयकर विभाग की टीम भी जांच में जुट गई है।

बुधवार दोपहर रायपुर विधानसभा क्षेत्र के फ्लाइंग स्क्वायड के प्रभारी मृत्युंजय शुक्ला नेहरू कालोनी में फव्वारा चौक पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान रिस्पना पुल से डालनवाला की तरफ आ रही इनोवा की भी जांच की गई। कार में 500 रुपये के नोट के कई बंडल देखकर फ्लाइंग स्क्वायड के अधिकारी दंग रह गए। पूछताछ में कार सवार व्यक्ति ने अपना नाम नदीम अहमद खान बताते हुए कहा कि वह कर्जन रोड स्थित विंडलास अपार्टमेंट में रहते हैं और प्रापर्टी डीलर हैं। नदीम ने बताया कि यह रकम प्रापर्टी के एक सौदे का है, जिसे वह घर लेकर जा रहे हैं।

हालांकि, मौके पर वह कैश के संबंध ठोस प्रमाण नहीं दे पाए। फ्लाइंग स्क्वायड नकदी व कार को लेकर नेहरू कालोनी थाने पहुंची और निर्वाचन व्यय की टीम को सूचना दी। साथ ही आयकर विभाग को भी जानकारी दी गई। थाने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में की गई गिनती में पकड़ी गई राशि 37 लाख रुपये पाई गई। देर शाम को रकम को कोषागार के डबल लाक में रखवा दिया गया। वहीं, आयकर विभाग के अधिकारी नदीम खान से रकम के स्रोत के बारे में प्रमाण एकत्रित कर रहे हैं। आयकर विभाग से पार पाना चुनौती

37 लाख रुपये एक बार में लेकर चलने को आयकर विभाग संदेह की निगाह से देख रहा है। साथ ही नदीम खान के टर्नओवर, रिटर्न आदि की जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है। सामान्यत: अधिकारी यह मानते हैं कि कारोबार विशेष में ही भारी मात्रा में कैश लेकर चलने की बाध्यता होती है। यदि टर्नओवर व रिटर्न के हिसाब से रकम की मात्रा पुष्ट नहीं हो पाती है तो रकम को छोड़ा जाना मुश्किल है। इस तरह के करीब 90 फीसद मामलों में आयकर विभाग नकदी को जांच के बाद जब्त कर लेता है। फ्लाइंग स्क्वायड प्रभारी की तबीयत बिगड़ी

कार में एक साथ भारी मात्रा में कैश देखकर फ्लाइंग स्क्वायड प्रभारी मृत्युंजय शुक्ला न सिर्फ हक्के-बक्के रह गए, बल्कि उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। कैश को कोतवाली में लाने के बाद काफी देर तक वह एक जगह बैठकर खुद को संयत करते देखे गए।

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