यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dehradun News: सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में लगी आग, सुरक्षा कर्मियों ने पाया आग पर काबू
Dehradun Latest News आज गुरुवार सुबह सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में आग लग गई। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। आज सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आग लग गई। इस पर सचिवालय सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि शार्ट सर्किट के चलते एसी में आग लगी। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन मौजूद थे। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से बड़ी घटना होने से टल गई।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक एसी में आग लग गई। इसके बाद कार्यालय में अफरातफरी का माहौल पैदा गया। फायर ब्रिगेड की टीम के पहुंचने तक कर्मचारियों ने ही किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया।
सेंट्रल बैंक में आग से 25 लाख रुपये नुकसान का अनुमान
हल्द्वानी में मंगलवार देर शाम रेलवे बाजार में स्थित सेंट्रल बैंक में आग से सेंट्रल बैंक को 25 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। बैकअप के लिए रखी गई बैटरियों में सबसे पहले आग लगी। इसके बाद आग वायरों से होकर बैंक के अंदर फैली। आग से कम्प्यूटर, पंखे, एसी, सीसीटीवी कैमरे, स्कैनर समेत कई दस्तावेज जले हैं। अब तक 25 लाख के नुकसान का अनुमान है। दमकल कर्मियों की सर्तकर्ता से हादसा टला था।
माक ड्रिल कर आग बुझाने का दिया प्रशिक्षण
इकबालपुर के समीप एक किसान के खेत में इंडियन आयल ने माक ड्रिल का आयोजन किया। क्षेत्रवासियों को आयल पाइप लाइन में आग लगने पर उसे कैसे बुझाया जाए, इसे लेकर विस्तार से जानकारी देने के साथ ही डेमो भी दिखाया गया। इसी तरह से लंढौरा में तेल के डिपो में आग लगने की स्थिति में उस पर काबू किए जाने का फायर ब्रिगेड की ओर से प्रशिक्षण दिया गया।
जंगल की आग को रोकने के लिए एसडीआरएफ देगा प्रशिक्षण
डोईवाला : फायर सीजन के दौरान जंगलों में लगने वाली आग को रोकने के लिए एसडीआरएफ ग्रामीणों को जागरूक करेगा और प्रशिक्षण देगा।
एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि वन्य संपदा को बचाने के लिए जरूरी है कि जंगल में आग लगने से पूर्व ही उसके रोकने के इंतजाम किए जाए। दूसरा आग लगने पर तत्काल उस पर काबू पाया जाए। इसको लेकिन हमे तैयारी करनी है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जंगलों में लगी आग को रोकने में एसडीआरएफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वनों में आग लगने में होने वाली लापरवाही के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता लाना जरूरी है तभी जंगल में आग लगने की घटना को कम किया जा सकता है। इसके लिए एक माडल बनाया जा रहा है। जिसमें आपदा से संबंधित प्रशिक्षण भी ग्रामीणों और कर्मचारियों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस प्रशिक्षण को शुरू किया जाएगा। इसके अलावा एसडीआरएफ प्रदेश में हर आपदा से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।
