राज्य ब्यूरो, देहरादून

प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे और सामान्य सभी राशनकार्डधारकों को हर महीने मिल रही सस्ती दालों की कीमत बढ़ने नहीं जा रही है। खाद्य सचिव सुशील कुमार ने कहा कि शासन स्तर पर इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं है।

प्रदेश सरकार ने बीती एक अगस्त को आदेश जारी कर सभी 23.80 लाख राशनकार्डधारकों को हर महीने सस्ती दरों पर दो-दो किलो दालें देने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के इस आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि उक्त योजना केंद्र सरकार के पास दाल का स्टॉक उपलब्ध रहने तक लागू रहेगी। सरकार ने अभी तक उक्त योजना के तहत चने की दाल ही सस्ता गल्ला उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। इन दालों की कीमत केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली 15 रुपये प्रति किलो सब्सिडी घटाकर व अन्य सभी संभावित खर्चो को जोड़कर आकलित की जा रही है। अभी तक राज्य के लोगों को सस्ती दर पर ही दाल उपलब्ध हुई है।

केंद्र से रियायती दर पर प्राप्त दाल को राज्य सरकार नो प्रोफिट, नो लॉस के आधार पर उपभोक्ताओं को वितरित कर रही है। सरकार आगामी महीने में चने के अतिरिक्त भी अन्य दाल उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। दाल का स्टॉक खत्म होने या कीमत में इजाफा करने के संकेत केंद्र सरकार की ओर से नहीं मिले हैं। बुधवार को मीडिया से बातचीत में खाद्य सचिव सुशील कुमार ने कहा कि दालों की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

Posted By: Jagran

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