जागरण संवाददाता, देहरादून: नगर निगम की तरह अब कैंट क्षेत्र में रहने वाले जेसीओ रैंक से नीचे के पूर्व सैनिकों को भी गृह कर में छूट मिलेगी। मंगलवार को छावनी परिषद देहरादून के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिबर्न दत्ता की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की ओर से यह प्रस्ताव बोर्ड में आया था। कैंट बोर्ड अब छूट के दायरे में आने वाले भवन स्वामी पूर्व सैनिकों की सूची तैयार कर सैनिक कल्याण बोर्ड को भेजेगा। सैनिक कल्याण बोर्ड के स्तर से सूची सत्यापित की जाएगी। वहीं, बोर्ड के नामित सदस्य विनोद पंवार ने सूबेदार रैंक तक के पूर्व सैनिकों को गृह कर में छूट देने का सुझाव दिया। हालांकि, बोर्ड ने इस पर अभी फैसला नहीं किया है।

सैनिक बहुल राज्य होने के चलते उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को वर्ष 2014 से नगर निकायों में गृह कर के मामले में बड़ी राहत दी जा रही है, पर छावनी क्षेत्र में रहने वाले पूर्व सैनिकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। जबकि, इसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसको लेकर कुछ दिन पहले मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह की सैनिक कल्याण निदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। अब पूर्व सैनिकों की यह मांग पूरी होने जा रही है। इसके अलावा बोर्ड बैठक में विकास कार्यो से संबंधित कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। साथ ही वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 102 करोड़ 33 लाख और वर्ष 2023-24 के लिए 88 करोड़ 28 लाख के बजट का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए मध्य कमान को भेजा गया। बोर्ड ने 70 आवासीय और 12 व्यावसायिक भवनों के मानचित्रों को भी स्वीकृति दी। इस दौरान म्यूटेशन के 87 प्रकरण भी निपटाए गए। बड़ी बात यह कि छावनी परिषद देहरादून आनलाइन नक्शा पास करने वाला राज्य का पहला कैंट बोर्ड बन गया है। कैंट कर्मचारियों को अब मिलेगा 34 प्रतिशत डीए

कैंट कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाकर 34 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मोहर लगा दी है। गढ़ी, डाकरा व प्रेमनगर क्षेत्र में नालों की सफाई के लिए 20 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। यह अभियान जुलाई से शुरू होगा। वर्षाकाल में मच्छर जनित रोग नियंत्रण के लिए क्षेत्र में वृहद स्तर पर फागिग भी की जाएगी। बैठक में छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह, नामित सदस्य विनोद पंवार भी मौजूद रहे। ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

निर्धारित समय में सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं करने पर ठेकेदार प्रदीप तोमर को ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में पारित हुआ। बताया गया कि कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी ठेकेदार ने कोई जवाब नहीं दिया। सड़क का निर्माण गढ़ी व डाकरा में होना था। एक का काम 16 सितंबर 2021 को और दूसरी का काम चार अक्टूबर 2021 को दिया गया था। ठेकेदार ने दोनों जगह सड़क का निर्माण शुरू ही नहीं किया। स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर होगी सड़क

टपकेश्वर मंदिर क्रासिंग के पास बालिका इंटर कालेज जाने वाली सड़क का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी बिशन सिंह चौहान के नाम पर करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है। यह प्रस्ताव स्वतंत्रता सेनानी के स्वजन की ओर से दिया गया था। अंग्रेजियत की निशानी वाले क्षेत्रों के बदलेंगे नाम

कैंट बोर्ड के नामित सदस्य विनोद पंवार ने प्रेमनगर में अंग्रेजियत की निशानी वाले क्षेत्रों के नाम विग नंबर आदि से बदलकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और बलिदानी सैनिकों के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया। तय किया गया कि इस पर आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। जनमत के आधार पर ही नाम बदला जाएगा।

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