देहरादून, राज्य ब्यूरो। राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी की ओर से पलायन के दर्द को झेल रहे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों से आठ नवंबर को इगास यानी बूढ़ी दीवाली अपने पैतृक गांवों में मनाने का आह्वान अब सियासी दलों की सीमा भी लांघता दिख रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इगास की पहल का स्वागत करने वालों की कतार में शामिल हो गए हैं। हालांकि उन्होंने इस मामले में गेंद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह के पाले में सरकाते हुए लगे हाथों उनसे इगास की छुट्टी करने का अनुरोध भी कर डाला। 

सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आठ नवंबर को इगास है, मतलब बूढ़ी दीवाली। जिन्होंने कभी जवान दीवाली में अपने गांव की दहलीज पर दिया नहीं जलाया, यदि उनके कदम भी इगास के दिन अपने गांव, अपने पुरखों के घर तक पहुंचते हैं, मैं इसका स्वागत करूंगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर तंज कसते हुए उन्होंने यह भी कहा, मगर रैबार के तरीके से एक और मखौल न बनें। एक तरफ रैबार और दूसरी तरफ टिहरी डैम के रूप में बिक रहा है घर-बार। इगास जमकर मनाइए।

उन्होंने पहाड़ी बोल में कुछ इस अंदाज में फरियाद भी की। त्रिवेंद्र सिंह रावत ज्यू हैं, मैं प्रार्थना करनू कि, इगास की छुट्टी करद्या। (त्रिवेंद्र सिंह रावत जी से प्रार्थना है कि ईगास की छुट्टी भी कर दें)। 

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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे भी मनाएंगे इगास 

शिक्षा व खेल मंत्री अरविंद पांडे भी सांसद अनिल बलूनी की पर्वतीय गांवों में इगास मनाने की अपील को अंजाम तक पहुंचाने के लिए नैनीताल जिले के भीमताल के समीप गांव में इगास मनाएंगे। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में काबीना मंत्री अरविंद पांडे ने यह जानकारी दी।

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