यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में बनेगी प्रत्येक नागरिक की डिजिटल हेल्थ आइडी, प्रदेश भर में किया जाएगा स्वास्थ्य मेलों का आयोजन
Digital Health ID स्वास्थ्य मेलों में प्रत्येक नागरिक की डिजिटल हेल्थ आइडी बनाई जाएगी। इस दौरान सभी की मुफ्त जांच ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश में आयुष्मान भारत की चौथी वर्षगांठ पर प्रदेश भर में स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों में प्रत्येक नागरिक की डिजिटल हेल्थ आइडी बनाई जाएगी। जिसमें संबंधित व्यक्ति की गैर संचारी रोग जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ओरल कैंसर आदि की जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे शुभारंभ
मेलों में पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। इस दौरान सभी की मुफ्त जांच भी की जाएगी। हेल्थ एवं वेलनेस केंद्र से भी टेली कंसलटेशन की सुविधा प्रारंभ होगी। जिसके माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ सेवाएं एवं परामर्श भी दिया जाएगा। जरूरत मंदों को रैफरल की सुविधा प्रदान कर अस्पतालों में पहुंचाते हुए आवश्यक उपचार भी दिया जाएगा।
शनिवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम जनमानस को उनके घर के समीप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 18 अप्रैल से स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।
इन मेलों का आयोजन 110 से अधिक स्थानों पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले 17 अप्रैल को प्रदेश के 1031 स्वास्थ्य उपकेंद्र और 1464 हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में आजादी का अमृत महोत्सव के बैनर तले योग एवं आरोग्य सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 18 से 23 अप्रैल तक होने वाले स्वास्थ्य मेलों में अधिक से अधिक जांच की जाएंगी। इसके लिए हर मेले को दो-दो लाख रुपये जारी किया जाएगा। इन मेलों की निगरानी के लिए जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई हैं। विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष अपने क्षेत्रों में होने वाले मेलों की अध्यक्षता करेंगे।
चार माह में दुरुस्त होंगे जिला व उप जिला अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार माह के भीतर जिला व उप जिला अस्पताल दुुरुस्त किए जाएंगे, ताकि इन्हीं अस्पतालों में मरीजों को उचित इलाज दिया जा सके। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में उपकेंद्रों में केवल एएनएम तैनात रहती थी। अब यहां मिड लेवल हेल्थ प्रोवाइडर तैनात किए गए हैं। यहां गर्भाशय, स्तन व मुंह के कैंसर आदि की स्क्रीनिंग के साथ ही उच्च रक्तचाप व मधुमेह आदि की जांच की जाती है।
उत्तराखंड दूसरे नंबर पर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पांच करोड़ से कम आबादी वाले क्षेत्रों में टीबी पर अंकुश लगाने वाले राज्यों में उत्तराखंड दूसरे नंबर पर है। इसके साथ ही टेली कंसलटेंसी देने वाले राज्यों में भी उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है।
मरीजों के लिए जारी रहेगी हेलीकाप्टर सेवा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सुदूरवर्ती इलाकों से मरीजों को लाने के लिए हेलीकाप्टर सेवा जारी रहेगी। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
