जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : श्यामपुर के खदरी-खड़कमाफ में वन विभाग व ग्रामीणों के तमाम प्रयासों के बाद भी हाथी की आमद थमने का नाम नहीं ले रही है। वन विभाग यहां करीब तीन सौ मीटर सुरक्षा खाई भी खोद चुका है। मगर, इसके बावजूद हाथी गांव में पहुंच कर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। बीती रात भी हाथी ने खदरी गांव में पहुंच कर धान के खेतों को रौंद डाला। खरदी-खड़कमाफ का क्षेत्र कृषि के लिए जाना जाता है। मगर हाथी व अन्य जंगली जानवरों के आतंक से किसान परेशान हैं। किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए खेतों में रात बिताने को मजबूर हैं। वहीं लगातार जंगली हाथियों का किसानों की मेहनत पर कहर टूट रहा है। परेशान ग्रामीणों ने एक पखवाड़े पहले वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव और तालाबंदी कर आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने वन विभाग को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा खाई खोदने के निर्देश दिए थे। वन विभाग यहां लगभग 300 मीटर खाई खोद चुका है। मगर, फिलहाल बारिश के कारण खाई खुदान का कार्य लंबित पड़ा हुआ है। खाई खुदान पूरा न होने से हाथी को गांव में प्रवेश का रास्ता मिल रहा है। बीती रात भी करीब नौ बजे एक विशालकाय हाथी खदरी गांव में घुस आया। स्थानीय निवासी विनोद जुगलान ने वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश आरपीएस नेगी को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों व ग्रामीणों ने पटाखे जलाकर व हवाई फायर कर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। इस बीच हाथी ने यहां कई किसानों के खेतों में धान की फसल रौंद डाली। स्थानीय ग्रामीण राजेश व सुरेन्द्र रयाल का कहना है कि हाथी एक ही जगह से तार-बाड़ तोड़कर खेत में प्रवेश कर रहा है, लिहाजा पहले उस क्षेत्र में खाई खुदान का कार्य किया जाना चाहिए। वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी ने कहा कि बरसात के कारण खाई खुदान का काम रुका हुआ है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।

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