जागरण संवाददाता, विकासनगर: कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के कुल्हाल कक्ष संख्या एक और दो में हाथियों के झुंड ने पौधशाला को नष्ट कर दिया। इसके किनारे लगे तारबाड़ को भी उजाड़ दिया। हाल ही में सभावाला जंगल में हाथियों ने एक ग्रामीण को पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हाथियों के इस मूवमेंट से तिमली जंगल से सटे गांवों के ग्रामीण घबराए हुए हैं।

तिमली रेंज के जंगल से सटे पछवादून के धर्मावाला, आदूवाला, कुल्हाल, मटक माजरी, कुंजा, तिपरपुर, प्रतीतपुर, सभावाला, तिमली आदि एक दर्जन से अधिक गांव हैं। यहां हर समय हाथियों और अन्य वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। लंबे समय से रेंज के जंगल में एक दर्जन हाथियों का दल मूवमेंट करता रहता है। कुछ समय पहले सभावाला निवासी ग्रामीण सुमेरचंद को हाथी ने पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद हाथियों का झुंड आबादी क्षेत्र की ओर तो नहीं आया, लेकिन तिमली रेंज के कुल्हाल कक्ष संख्या एक व दो में पौधशाला को नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने पौधशाला की सुरक्षा को लगाई तारबाड़ भी उखाड़ फेंकी और बौनी प्रजाति के बेर, शहतूत व अन्य प्रजातियों के पौधों को उखाड़ कर नष्ट कर दिया। आसपास के पेड़ों को भी तोड़ डाला। कुल्हाल जंगल में हाथियों के मूवमेंट और इससे हो रहे नुकसान का शुक्रवार को रेंजर पूजा रावल ने अपनी टीम के साथ जायजा लिया। रेंजर ने कुल्हाल क्षेत्र के जंगल में वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी है, साथ ही हाथियों की हर गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश कर्मियों को दिए हैं, ताकि हाथियों का मूवमेंट आबादी की ओर आने से रोका जा सके। रेंजर के अनुसार ग्रामीणों को भी जंगल के अंदर जाने से मना किया गया है, क्योंकि कई ग्रामीण लकड़ी बीनने के चक्कर में जंगल के अंदर चले जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक होने का आग्रह किया।

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