जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मंगलवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक हाथी सुरक्षा दीवार को तोड़ता हुआ एयरपोर्ट के भीतर दाखिल हो गया। हाथी के एयरपोर्ट के रनवे तक पहुंचने से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की सांसें फूल गईं। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग व सुरक्षाकर्मी हाथी को एयरपोर्ट से बाहर भगा सके। गनीमत यह रही कि हाथी एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल की ओर नहीं गया, अन्यथा बड़ी अनहोनी घट सकती थी।

मंगलवार मध्यरात्रि के बाद करीब दो बजे ऋषिकेश-देहरादून मुख्य मार्ग पर पुराने टर्मिनल की ओर से बाउंड्री तोड़कर एक हाथी एयरपोर्ट के भीतर दाखिल हो गया। इस बीच वाचिंग टावर से सुरक्षाकर्मियों की नजर हाथी पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। वनकर्मियों के मौके पर पहुंचने के करीब डेढ़ घंटे बाद तक हाथी बेखौफ एयरपोर्ट के रनवे पर चहलकदमी करता रहा। इसके बाद वह रनवे को पार कर दूसरी ओर की बाउंड़ी को तोड़ता हुआ एयरपोर्ट से सटे कोठारी मोहल्ला व बागी गांव में जा पहुंचा।

वहां भी हाथी ने जमकर उत्पात मचाया और कई घरों की बाउंड्री तोड़ डाली। इससे गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय व्यक्तियों के हो-हल्ला मचाने पर हाथी वापस लौटा और दोबारा एयरपोर्ट की बाउंड्री तोड़ते हुए भीतर दाखिल हो गया। इसके बाद हाथी रनवे को पार करता हुआ पुराने टर्मिनल के ओर की बाउंड्री तोड़कर तड़के करीब चार बजे बाहर निकला और बड़कोट रेंज के जंगल में चला गया। तब जाकर एयरपोर्ट प्रशासन व वन विभाग ने राहत की सांस ली। इस बीच हाथी को भगाने के लिए वनकर्मियों ने पटाखे भी छोड़े।

गनीमत यह रही कि करीब दो घंटे एयरपोर्ट परिसर में रहने के बावजूद हाथी ने एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल की ओर रुख नहीं किया। अन्यथा एयरपोर्ट को बड़ा नुकसान हो सकता था। मुख्य टर्मिनल के समीप स्टेट प्लेन, निजी विमान व कुछ चौपर भी खड़े थे, जिन्हें हाथी नुकसान पहुंचा सकता था। एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्र ने बताया कि हाथी ने दो स्थानों पर एयरपोर्ट की बाउंड्री क्षतिग्रस्त की है, जिसकी मरम्मत की जा रही है। रनवे समेत बाकी सब-कुछ सुरक्षित है। बुधवार सुबह से एयरपोर्ट पर आपरेशन सुचारु है।

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आपरेशनल होता एयरपोर्ट तो हो सकता था बड़ा हादसा

जौलीग्रांट एयरपोर्ट रात नौ से सुबह आठ बजे तक आपरेशन में नहीं रहता है। यहां सुबह 8:10 बजे पहली फ्लाइट उतरती है। जबकि, आखरी फ्लाइट रात 8:40 बजे उड़ान भरती है। रात में फिलहाल यहां से कोई उड़ान नहीं हो रही। रात जब एयरपोर्ट के भीतर हाथी दाखिल हुआ, तब यहां पूरी तरह अंधेरा था। ऐसे में वनकर्मी हाथी की लोकेशन का सही अनुमान नहीं लगा सके। खैर! यदि एयरपोर्ट आपरेशन में होता तो रनवे पर हाथी के आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता था।

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Edited By: Sunil Negi