जागरण संवाददाता, देहरादून: ऊर्जा निगम की लापरवाही उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। बीते माह के बिल में अधिकतर उपभोक्ताओं को पुराने देयक जोड़कर भेज दिए गए हैं। जबकि, उपभोक्ता पुराने देयकों का भुगतान कर चुके हैं। ऐसे में बिल में करेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के इस बार बिजली का बिल दोगुना देख होश फाख्ता हैं। औसत धनराशि की तुलना में ऊर्जा निगम ने ज्यादातर उपभोक्ताओं को अधिक राशि के बिल भेज दिए हैं।

हालांकि, बिल में पुराने देयकों को जोड़कर दर्शाया गया है। जबकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि वे पुराना बकाया भर चुके हैं। ऐसे में बिल के संशोधन को लेकर उपभोक्ताओं को दफ्तर में कतार लगानी पड़ रही है। हालांकि, ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त बिल आने पर किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। यदि वह पुराने देयक का भुगतान कर चुके हैं तो अब केवल वर्तमान देयक की धनराशि जमा कराएं। बिल में पुराने देयक को जोडऩे का कारण सिस्टम में भुगतान की जानकारी अपडेट न होना हो सकता है। आरकेडिया ग्रांट निवासी धर्मेंद्र, देहराखास निवासी विनय कुमार, माजरा निवासी वरुण सिंह और विद्या विहार निवासी आरती देवी का कहना है कि पिछले बिल के भुगतान के बावजूद नया बिल अधिक भेजा गया है।

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जिस दुरुस्त कराने के लिए उन्हें बिजली दफ्तर जाना पड़ा और फिर संशोधित बिल का भुगतान किया गया।  उधर, ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार यादव का कहना है कि यदि बिल को लेकर किसी भी उपभोक्ता को कोई संशय हो तो टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

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Edited By: Sumit Kumar