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देहरादून में बुजुर्ग महिला की हत्या कर कमरे में ताला लगा गए हत्यारे, जांच कर रही पुलिस

Published: Wed, 23 Sep 2026 11:47 AM (IST)

देहरादून के रायवाला स्थित भगत सिंह कॉलोनी में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला खजानी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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संवाद सूत्र, रायवाला (देहरादून)। मोतीचूर रेलवे लाइन पार स्थित भगत सिंह कालोनी में दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां छह वर्ष की पोती के साथ रह रहीं बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे कमरे के बाहर ताला लगाकर फरार हो गए। उनके दाहिने गाल पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले। महिला के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

रायवाला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोहन सिंह ने बताया कि 65 वर्षीय खजानी देवी अपनी छह वर्षीय पोती की पढ़ाई के लिए मोतीचूर में किराये के कमरे में रहती थीं, जबकि उनके बेटे संजय पुंडीर अपनी पत्नी के साथ ग्राम काटल गड़ूल रानीपोखरी अपने पैतृक आवास पर रहते हैं। सोमवार सुबह खजानी देवी पोती को स्कूल छोड़ने गई थीं।

इसके बाद वह पड़ोस में हो रहे एक धार्मिक अनुष्ठान (पूजा) में शामिल हुईं, फिर अपने कमरे में लौट आईं। छुट्टी के बाद पोती को स्कूल से लेने के लिए न पहुंचने पर विद्यालय प्रशासन ने उनके पड़ोस में रहने वाले दामाद पंकज थापा को फोन किया। पंकज थापा बच्ची को लेकर जब खजानी देवी के कमरे में पहुंचे तो बाहर से ताला लगा हुआ था और उनका फोन भी स्विच आफ आ रहा था।

इस पर वह बच्ची को अपने घर ले गए। शाम को दोबारा कमरे पर पहुंचने पर ताला बंद मिला तो खजानी देवी के बेटे संजय को इसकी जानकारी दी गई। संजय के पहुंचने पर कमरे का ताला तोड़ा गया। खजानी देवी बाथरूम में मृत पड़ी मिलीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

दिनचर्या से परिचित थे हत्यारे
जिस अंदाज में हत्या की गई है, उससे यह स्पष्ट है कि हत्यारे खजानी देवी की दिनचर्या से पूरी तरह परिचित थे। उनकी हर गतिविधि का उन्हें पता था। उन्हें यह भी पता था कि पोती के स्कूल जाने के बाद वह कमरे में अकेली रहती हैं। यही कारण है कि उन्होंने हत्या के लिए दिन का समय चुना।

पोती की पढ़ाई के लिए लिया था कमरा
रानीपोखरी के काटल गड़ूल गांव में पढ़ाई की उचित संसाधनों के अभाव मानकर खजानी देवी अपनी पोती को पढ़ाने के लिए मोतीचूर में किराये का कमरा लेकर रह रही थीं। पड़ोस में बेटी और दामाद का परिवार भी रहता था, ऐसे में संजय को भी अपनी मां और बेटी के लिए बड़ा भरोसा था। खजानी देवी ने पोती को आगे बढ़ाने के लिए कई सपने देखे थे, लेकिन हत्यारों ने उन्हें पलभर में खत्म कर दिया।

पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के लिए हत्या पहेली बनी हुई है। अब तक उसके हाथ खाली हैं। न तो सीसीटीवी फुटेज से कुछ हासिल हुआ है न ही खजानी देवी के मोबाइल की काल डिटेल निकाली जा सकी है। क्राइम सीन से भी कुछ हासिल नहीं हो पाया है। हालांकि प्रभारी निरीक्षक मोहन सिंह ने कहा कि हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पांच टीमें लगाई गई हैं। अभी पड़ताल चल रही है।