राज्य ब्यूरो, देहरादून

प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों में ई-ग्रंथालय की स्थापना को पहला चरण पूरा करने की दिशा में उच्च शिक्षा महकमे के कदम बढ़ गए हैं। कॉलेजों की किताबों की ग्रंथालय में एंट्री करने का काम एनआइसी दिल्ली ने प्रारंभ कर दिया है। इसके बाद उक्त किताबों को ई-कंटेंट का रूप देकर ई-प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। ई-ग्रंथालय का पूरा डेटा आइटीडीए स्थित स्टेट डेटा सेंटर में रहेगा।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत प्रदेश के सभी 106 सरकारी डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ई-लाइब्रेरी के रूप में ई-ग्रंथालय की स्थापना 25 जून तक करने के निर्देश दे चुके हैं। उच्च शिक्षा अपर सचिव डॉ अहमद इकबाल ने शुक्रवार को वेबिनार के माध्यम से ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर से कॉलेजों को जोड़ने की कार्यवाही की समीक्षा की। एनआइसी दिल्ली के पास ई-ग्रंथालय की स्थापना का जिम्मा है। महकमे की ओर से इस कार्य के लिए प्रति कॉलेज 21275 रुपये बतौर पंजीकरण फीस एनआइसी को मुहैया कराई जा चुकी है।

पहले चरण में प्रदेश के 70 से 80 सरकारी डिग्री कॉलेजों में ई-ग्रंथालय शुरू होगा। यह कार्य तीन चरणों में पूरा होगा। तीसरे व अंतिम चरण के रूप में ई-कंटेंट के रूप में सामग्री को नेशनल लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा। ई-ग्रंथालय के मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशालय एवं विश्वविद्यालयों की वेबसाइटों को अपडेट करते हुए नियमित संचालित करने के निर्देश उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने दिए हैं।