संवाद सहयोगी, रुड़की : देहरादून से आई एसटीएफ की टीम ने सलेमपुर में दवा के छह गोदामों पर छापा मारा है। औषधि नियंत्रण विभाग ने इन सभी गोदामों को सील कर दिया है। गोदाम में रखी दवाओं और केमिकल आदि के सैंपल की जांच की तैयारी की जा रही है। हालांकि पैक्ड दवा एक्सपायर हो चुकी हैं। दवाओं की हालत से लग रहा है कि वह कई माह से यहां पड़ी हैं।

रुड़की और भगवानपुर में नकली और एक्सपायर दवाओं के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांच जून को देहरादून से आई एसटीएफ की टीम ने भगवानपुर स्थित एक सील दवा कंपनी पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की थी। एसटीएफ ने सहारनपुर के कैलाशपुर व लक्सर में भी उसी दिन छापा मारकर नकली दवाएं व दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त की थी। एसटीएफ ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

देहरादून से आई एसटीएफ टीम ने सलेमपुर में बंद पड़ी छह दुकानों पर छापा मारा। यहां से भी भारी मात्रा में पैक्ड और लूज दवाएं मिली हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में केमिकल आदि भी बरामद किया गया है। औषधि नियंत्रण विभाग रुड़की के ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बरामद सभी दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं। दवाओं और रा मेटेरियल के सैंपल लिए जा रहे हैं। सभी छह दुकानों को सील कर दिए गए हैं। दवाएं कहां से आई, इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। दवाओं के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा कि दवाएं नकली हैं या नहीं।

कहीं कार्रवाई के डर से तो दुकानों में नहीं छिपाई गई थी दवाएं

छह बंद दुकानों पर भारी मात्रा में जिस तरह से डंप दवाएं और केमिकल आदि बरामद हुआ है। उसे लेकर आशंका जताई जा रही है कि ये दवाएं और केमिकल आदि पूर्व में हुई कार्रवाई से संबंधित हो सकती हैं। कार्रवाई से बचने के लिए किसी दवा कंपनी ने इन दवाओं और केमिकल को यहां लाकर डंप किया होगा। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी एसटीएफ और औषधि नियंत्रण विभाग की टीम जांच कर रही है।

गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर में एकांत क्षेत्र में बनी छह बंद दुकानों से बरामद सभी दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं। इन दवाओं की कीमत लाखों रुपये आंकी गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं को गोदाम में डंप करने के पीछे कोई बड़ी वजह मानी जा रही है। एसटीएफ ने इस मामले में नितिन नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि ये उसी की ही दवाएं हैं। पूछताछ में पूरे मामले से सभी परतें जल्द ही हट जाएंगी।

लाखों रुपये की पैक्ड टैबलेट, लूज टैबलेट, इंजेक्शन व केमिकल को इस तरह से दुकानों में बंद कर डंप करने के पीछे एक आशंका यह भी है कि एसटीएफ व औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से नकली दवाओं पर हो रही कार्रवाई से बचने के लिए किसी कंपनी ने इन दवाओं को अपने गोदाम से निकलवाकर उन्हें दुकानों में छिपाकर रखवा दिया होगा।

एसटीएफ और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी भी इस आशंका से इन्कार नहीं कर रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि इन दुकानों से दवाओं को अब धीरे-धीरे निकाला भी जाने लगा था। इन दवाओं को कहां ले जाया जा रहा था, इसके बारे में पड़ताल चल रही है। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जल्द ही सारी बात सामने आ जाएगी। एसटीएफ के उप निरीक्षक विपिन बहुगुणा ने बताया कि हर बिंदु पर जांच की जा रही है।

Edited By: Nirmala Bohra