जागरण संवाददाता, देहरादून। दून विश्वविद्यालय में चार दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्नातक प्रथम सेमेस्टर के नए विद्यार्थी शामिल रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों ने बारी-बारी से अपने विभाग, विषयों के पाठ्यक्रम, सीबीसीएस सिस्टम, ग्रेडिंग सिस्टम और संबंधित विषय में रोजगार के अवसर बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विवि की कुलपति सुरेखा डंगवाल ने कहा कि विवि का लक्ष्य विद्यार्थियों को कारपोरेट जगत के लिए तैयार करना है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सभी को बधाई दी और कहा कि दून विश्वविद्यालय में प्रवेश काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी बिना परीक्षा दिए पास हुए हैं, उन्हें फिर से शैक्षणिक गतिविधियों में जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है।

पिछले सालों से दून विश्वविद्यालय ने कुछ ऐसे मानक स्थापित किए हैं, जो उत्तराखंड के अन्य विश्वविद्यालय में देखने को नहीं मिलते हैं। यहां के विद्यार्थी विभिन्न उच्च संस्थानों और क्षेत्रों में चयनित हुए हैं और उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इसका प्रभाव हमें इस बार के स्नातक स्तर पर प्रवेश में देखने को मिला है। विद्यार्थियों ने अत्यधिक संख्या में विभिन्न विषयों के लिए आवेदन किया और विभिन्न स्कूल्स की मेरिट लिस्ट बहुत ऊंची रहने के कारण बहुत से विद्यार्थी प्रवेश पाने से वंचित रह गए।

प्रो डंगवाल ने बताया कि दून विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों पर अत्यधिक ध्यान देता है। साथ ही विद्यार्थियों को भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने हेतु तैयार करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन भी करता है। पाठ्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जो रोजगार के लिए वर्तमान मांग को पूरा करते हैं।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर एच सी पुरोहित ने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत से अवसर उपलब्ध हैं, जिनका दोहन विद्यार्थी को स्वयं करना है और अपने व्यक्तित्व को इस प्रकार से विकसित करना है कि वह स्वयं की रूचि के अनुसार के कार्य क्षेत्र से संबंधित गुणों को विकसित कर सकें।

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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एमएस मंदरवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हित में फैसले लेने के लिए सदैव तत्पर रहता है, किसी भी तरह की परेशानी होने पर संबंधित विभाग से संपर्क किया जा सकता है और निस्तारण ना होने की अवस्था में कुलसचिव के द्वारा समस्या समाधान करने के लिए निसंकोच संपर्क किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ नरेंद्र रावल ने विद्यार्थियों को ग्रेडिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार ने बताया कि विश्व विद्यालय की लाइब्रेरी का उपयोग विद्यार्थी किस प्रकार कर सकते हैं।

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Edited By: Raksha Panthri