राज्य ब्यूरो, देहरादून: केंद्र सरकार ने देहरादून-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई है। केंद्र ने साफ किया है कि यदि कार्यदायी कंपनी इस काम को करने में खुद को असमर्थ पा रही है तो यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जरिये कराया जाएगा। सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों के बीच देहरादून-मुजफ्फनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के संबंध में भी बैठक हुई। दरअसल, केंद्रीय मंत्री जनवरी में जब ऑल वेदर रोड की समीक्षा करने देहरादून आए थे तब भी उन्होंने देहरादून-मुजफ्फनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार को लेकर नाराजगी जताई थी। कंपनी की माली हालत ठीक न होने के बाद पर तब उन्होंने इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बोर्ड से 280 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की भी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सरकार चाहती को कंपनी को भी बर्खास्त कर सकती थी लेकिन तमाम पहलुओं को देखते हुए इसे आगे कार्य करने की अनुमति दी गई। सोमवार को जब दिल्ली में इस राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर चर्चा हुई तो कार्य की सुस्त रफ्तार पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने यह साफ कर दिया है कि सरकार हर हाल में इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करना चाहती है। अगर इस कंपनी से काम नहीं हो पा रहा है तो यह कार्य एनएचएआई ही करेगा।