जागरण संवाददाता, देहरादून। दून शहर में डेंगू से बचाव को लेकर नगर निगम ने अब युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस क्रम में पहली बार शहर में फागिंग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय के आदेश पर निगम की टीम ने शनिवार को बिंदाल और रिस्पना नदी के किनारे बस्तियों में ड्रोन के जरिये फागिंग और दवा का छिड़काव किया। यह ट्रायल रन था, जो सफल रहा। नगर आयुक्त ने बताया कि अब तंग गलियों और नदी किनारे आसानी से फागिंग की जा सकेगी। ड्रोन से डेंगू का लार्वा नष्ट करने को बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

मानसून को देखते हुए नगर निगम ने इस बार एक हफ्ते पहले ही आपदा कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है। यहां चौबीस घंटे कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही वर्षा में डेंगू के प्रकोप को देखते हुए नगर निगम ने समस्त मोर्चों पर काम शुरू कर दिया है। शहर में हैंड स्प्रे मशीनों के जरिये एक माह से फागिंग की जा रही। इसके साथ नौ-नौ वार्डों में चरणबद्ध तरीके से दैनिक स्तर पर फागिंग कराई जा रही। इसी क्रम में निगम ने अब रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे की बस्तियों में डेंगू से निपटने के लिए ड्रोन का सहारा लिया है। शनिवार को निगम की टीम ने ड्रोन के जरिये बिंदाल और रिस्पना नदी से सटी बस्तियों पर डेंगू का लार्वा नष्ट करने को छिड़काव किया।

नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और अगले दस दिनों में मानसून भी दस्तक देने वाला है। ऐसे में डेंगू की आशंका को देखते हुए निगम इससे निपटने के लिए तैयारी कर चुक है। रिस्पना और बिंदाल के किनारे की बस्तियों में डेंगू का लार्वा पैदा होने की हर वर्ष ज्यादा आशंका रहती है। इसलिए यहां ड्रोन का प्रयोग शुरू कर दिया गया है। इस प्रयोग से यह भी फायदा होगा कि शहर में जहां भी तंग गलियों व बस्तियों में फागिंग नहीं हो पाती थी, वहां ड्रोन का प्रयोग कर दवा का छिड़काव किया जाएगा।

रिस्पना और बिंदाल के किनारे बस्तियों में देखा गया कि छतों पर टायर, ईंट और टूटी बाल्टी में पानी जमा रहता है, जिससे यहां लार्वा पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है। नगर आयुक्त ने शहर के जन से अपील की है कि वह वर्षा को देखते हुए घरों में पानी को जमा न होने दें। कूलर से समय-समय पर पानी निकाल लें व पानी बदलते रहें। गमलों में पानी को एकत्र न होने दें।

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Edited By: Raksha Panthri