देहरादून, जेएनएन। Uttarakhand Tourism उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं भौगोलिक परिस्थितियां साहसिक पर्यटन के लिए माकूल हैं। यही वजह है कि यहां रोमांच से भरपूर साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां पहाड़ों से छलांग लगाकर हवा में तैरने का आनंद भी लिया जा सकता है तो बर्फीली पहाड़ि‍यों में स्कीइंग का आनंद भी लिया जाता है। यही वजह है कि प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक उत्तराखंड में रोमांच का एहसास करने आते हैं। अब पाबंदियां हटने के बाद साहसिक पर्यटन की गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि अब यहां पर्यटन क्षेत्र फिर से रफ्तार पकड़ेगा।

पर्यटन विभाग ने भी कसी कमर

पर्यटन विभाग की ओर से योजनाएं भी तैयार कर ली गई हैं। विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी करने के बाद साहसिक खेल गतिविधियां पैराग्लाइडिंग, रीवर राफ्टिंग शुरू हो जाएगी। सहस्रधारा से पैराग्लाइडिंग शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग ने हिमालयन एयरो स्पोट्र्स एसोसिएशन से बात की है। दून में पैराग्लाइडिंग को लेकर पर्यटकों में काफी क्रेज रहता है। विभाग की ओर से रविवार से पयर्टन स्थल सहस्रधारा को संवारने का काम भी शुरू किया गया। ताकि यहां घूमने के आने वाले पर्यटक खूबसूरत झरनों के साथ-साथ पैराग्लाइडिंग का मजा भी ले सकेंगे। रोमांच के शौकीनों के लिए राफ्टिंग भी जल्द शुरू होने जा रही है। राफ्टिंग सीजन में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान जैसे राज्यों से जलक्रीड़ा का लुत्फ उठाने आते हैं।

पर्यटकों को आकर्षित करने का रहेगा प्रयास

एजीएम यात्रा एसपीएस रावत ने बताया कि गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से राफ्टिंग को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राफ्टिंग कंपनियों को गाइडलाइन के अनुसार ही राफ्टिंग करने को कहा गया है। अमूमन राफ्टिंग अक्टूबर व नवंबर दो महीने चलती है। विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद राफ्टिंग शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को आर्किषत करने के लिए कोई छूट दी जानी है यह गाइडलाइन पर ही निर्भर करता है।

होम स्टे व होटलों में बढ़ेगी रोजगार की संभावना

कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा सीजन प्रभावित होने के कारण होम स्टे व होटल अब तक सूने पड़े थे। पाबंदियां हटने के बाद पर्यटक घूमने के लिए आते हैं तो होम स्टे करवाने वालों को व होटलों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी रोजगार मिल सकेगा। प्रदेश में करीब 2400 होम स्टे व 4000 होटल हैं, जहां पर यात्रा व घूमने के लिए आने वाले पर्यटक रुक सकेंगे।

चारधाम यात्रा भी पकड़ेगी रफ्तार

कोरोना के कारण चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो गई थी, लेकिन अब यात्रा रफ्तार पकड़ सकती है। यात्रा सीजन को अभी डेढ़ महीने का समय और है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले दिनों में यात्रा बुकिंग में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इस साल दीपावली 14 नवंबर को है। इसके बाद ही चारों धामों के कपाट बंद होते हैं।

वाटर स्पोट्र्स

टिहरी झील एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में से एक है। झील की खूबसूरती को देखते हुए ही यहां फिल्म 'बत्ती गुल मीटर चालू' की शूटिंग की गई थी। टिहरी झील में बोटिंग, जेट स्पीड बोट राइडिंग, वाटर स्कीइंग, बनाना बोट राइड, बैंडवागन बोट राइड आदि किए जाते हैं। वाटर स्पोट्र्स के अलावा पर्यटक यहां टिहरी की सुंदरता का भी आनंद ले सकते हैं।

रिवर राफ्टिंग

रिवर राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश से बेहतर जगह क्या होगी। यहां हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट ने छह घंटे गंगा में व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग करते हुए बिताए थे। ऋषिकेश में शिवपुरी साहसिक उत्साही पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। पर्यटक एक दिन से लेकर चार से पांच दिन के लिए ऋषिकेश आ सकते हैं। पर्यटक नदी के किनारे स्थापित सुरम्य रिवर राफ्टिंग कैंप में रहकर प्रकृति के बीच रोमांच का अनुभव कर सकते हैं।

ट्रेकिंग

उत्तराखंड में ट्रेकिंग के लिए तमाम ट्रेक हैं। सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में काकभुसंडी ट्रेक, चंद्रशिला ट्रेक, देवरिया ताल ट्रेक, रूपकुंड ट्रेक, वैली ऑफ फ्लावर ट्रेक, पिंडारी ग्लेशियर प्रमुख हैं। यहां ट्रेकिंग के लिए उपयुक्त समय अलग-अलग ट्रेक पर निर्भर करता है, लेकिन यदि आदर्श समय की बात करें तो ट्रेकिंग के लिए अक्टूबर से मार्च तक का समय बेहतर है।

बंजी जंपिंग

बंजी जंपिंग साहसिक पर्यटन में रुचि रखने वाले पर्यटकों में सबसे लोकप्रिय है। ऋषिकेश में विश्वस्तरीय बंजी जंपिंग की सुविधा है। ऋषिकेश में मोहन चट्टी में स्थित जंपिन हाइट्स देश का सबसे ऊंचा बंजी जंपिंग स्पॉट है। यह जगह सभी साहसिक प्रेमी पर्यटकों के लिए बेहतरीन है। ऋषिकेश में बंजी जंपिंग पूरे वर्ष किया जा सकता है।

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वाइल्ड लाइफ सफारी

उत्तराखंड में कॉर्बेट और राजाजी नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच वाइल्ड लाइफ सफारी के लिए प्रख्यात हैं। सफारी अलग-अलग क्षेत्रों में अधिकृत वाहनों के माध्यम से या हाथी से कराई जाती है, जो वन्यजीवों और सुंदर दृश्यों का लुत्फ उठाने का सबसे अच्छा विकल्प है। प्रदेश में वाइल्डलाइफ सफारी के लिए सबसे उपयुक्त समय नवंबर से फरवरी तक रहता है।

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